लेबनान के दक्षिणी हिस्से में इसराइल ने फिर से हवाई हमले शुरू कर दिए हैं. जेबचित शहर में एक घर पर हुए हमले में एक ही परिवार के चार सदस्य मारे गए, जिनमें एक बच्चा भी शामिल था. इस हमले के बाद इलाके में दहशत का माहौल है और कई लोग अपने घरों को छोड़ने पर मजबूर हो गए हैं.

ℹ️: Trump ने कहा बिल्डिंग मत गिराओ, नेतन्याहू ने पलटकर शेयर किया तबाही का वीडियो, क्या यह अमेरिका को दिया गया जवाब है

लेबनान के किन शहरों में हुए हमले और कितना नुकसान हुआ

30 अप्रैल 2026 को इसराइल ने दक्षिणी लेबनान के कई शहरों को निशाना बनाया. Lebanon’s National News Agency (NNA) के मुताबिक, इन हमलों में कुल 9 लोगों की मौत हुई और 13 से 17 लोग घायल हुए हैं.

  • Jebchit: यहाँ एक घर पर हमले में एक ही परिवार के 4 लोग मारे गए.
  • Toul: इस शहर में एक घर तबाह होने से 4 लोगों की जान गई और 6 लोग घायल हुए.
  • Harouf: यहाँ एक मकान पूरी तरह गिर गया, जिससे 2 लोगों की मौत हुई.
  • Sultaniyah, Zawtar al-Sharqiyah और Mayfadoun: इन इलाकों में भी बमबारी और आर्टिलरी फायरिंग की गई.

Ceasefire का उल्लंघन और सरकारों का क्या कहना है

यह हमला तब हुआ जब दोनों देशों के बीच 16 अप्रैल से ceasefire लागू था, जिसे 17 मई तक बढ़ाया गया था. लेबनान के राष्ट्रपति Joseph Aoun ने इन हमलों की कड़ी निंदा की और कहा कि इसराइल अंतरराष्ट्रीय कानूनों और नागरिकों की सुरक्षा करने वाले नियमों का उल्लंघन कर रहा है.

दूसरी तरफ, Israeli military ने दावा किया कि उन्होंने उन इमारतों को निशाना बनाया जहाँ Hezbollah के operatives मौजूद थे और वहां से इसराइल पर हमले की तैयारी की जा रही थी. Israeli Foreign Minister Gideon Saar ने कहा कि इसराइल का लेबनान की ज़मीन पर कब्ज़ा करने का कोई इरादा नहीं है, लेकिन वे तब तक नहीं हटेंगे जब तक Hezbollah और अन्य आतंकी संगठन खत्म नहीं हो जाते.

इसराइल ने जेबचित समेत दक्षिणी लेबनान के 15 शहरों के निवासियों को घर खाली करने की चेतावनी भी दी है, जिसका मतलब है कि आने वाले दिनों में और हमले हो सकते हैं.

Frequently Asked Questions (FAQs)

जेबचित में हुए हमले में कितने लोग मारे गए?

Al Jazeera English और NNA की रिपोर्ट के अनुसार, जेबचित में एक घर पर हुए हमले में एक बच्चे सहित एक ही परिवार के 4 सदस्य मारे गए.

क्या इस हमले से ceasefire खत्म हो गया है?

दोनों देशों के बीच 16 अप्रैल से ceasefire लागू था जिसे 17 मई तक बढ़ाया गया था, लेकिन 30 अप्रैल के इन हमलों को समझौते का उल्लंघन माना जा रहा है.