Israel Spy Case: ईरान के लिए जासूसी करने वाले दो एयरफोर्स जवानों पर केस दर्ज, लीक किए फाइटर जेट्स के राज

Israel ने अपने दो वायु सेना (Air Force) के जवानों पर ईरान की खुफिया एजेंसी के लिए जासूसी करने का आरोप लगाया है। इन जवानों ने देश की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ करते हुए गोपनीय जानकारियां ईरान को भेजी थीं। सैन्य अधिकारियों ने 23 अप्रैल 2026 को इनके खिलाफ आधिकारिक तौर पर मामला दर्ज किया है।

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किन जवानों पर लगे हैं आरोप और कैसे पकड़े गए?

पकड़े गए जवानों की पहचान 21 साल के Asaf Shitrit और 19 साल के Sagi Haik के रूप में हुई है। ये दोनों Tel Nof एयरबेस पर F-15 फाइटर जेट्स के साथ काम करने वाले तकनीशियन थे। Sagi Haik को मार्च 2026 में गिरफ्तार किया गया था, जिसके बाद उसने Asaf Shitrit का नाम उजागर किया। सैन्य अदालत में इन पर दुश्मन देश की मदद करने और जासूसों से संपर्क रखने के गंभीर आरोप लगे हैं।

क्या जानकारियां लीक की गईं और कौन थे टारगेट?

जांच में पता चला कि इन जवानों ने फाइटर जेट्स के सिस्टम और सैन्य बेस के नक्शों जैसी गोपनीय फाइलें ईरान को भेजी थीं। उन्होंने इंजन के ब्लू प्रिंट और एक फ्लाइट इंस्ट्रक्टर की फोटो भी लीक की। इसके अलावा, वे पूर्व IDF चीफ Herzi Halevi और राष्ट्रीय सुरक्षा मंत्री Itamar Ben-Gvir जैसे बड़े अधिकारियों की जासूसी कर रहे थे। अधिकारियों के मुताबिक, यह सब पैसों के लालच में किया गया था।

जांच में और क्या बातें सामने आईं?

Shin Bet, IDF और पुलिस की संयुक्त जांच में पता चला कि ये जवान पिछले कई महीनों से ईरान के संपर्क में थे। हैरानी की बात यह है कि 8 अन्य सैनिक भी इस जासूसी के बारे में जानते थे, लेकिन उन्होंने इसकी सूचना नहीं दी। अब उन जवानों पर भी कार्रवाई की जा सकती है। सैन्य कानून के तहत, जासूसी में पकड़े गए सैनिकों को युद्धबंदी का दर्जा नहीं मिलता, लेकिन उन्हें निष्पक्ष सुनवाई का हक होगा।