इज़राइल ने बेरूत और ईरान पर किया भीषण हवाई हमला, कच्चे तेल की कीमत 100 डॉलर के पार, 5 लाख लोग हुए बेघर
9 मार्च 2026 को इज़राइल ने दक्षिण बेरूत के दाहिया इलाके में भारी हवाई हमला किया है. यह हमला मुख्य रूप से हिजबुल्लाह की रादवान फोर्स और उनके वित्तीय संस्थान अल-कर्द अल-हसन को निशाना बनाकर किया गया है. 2 मार्च 2026 से शुरू हुए इस बड़े सैन्य अभियान के तहत इज़राइल रक्षा बलों (IDF) ने लेबनान के साथ-साथ ईरान के तेहरान, इस्फहान और दक्षिणी हिस्सों में भी बैलिस्टिक मिसाइल ठिकानों पर स्ट्राइक की है. इस बढ़ते संघर्ष का सीधा असर खाड़ी देशों और दुनिया की अर्थव्यवस्था पर पड़ रहा है.
हमले में जानमाल का कितना हुआ है नुकसान?
लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, इस संघर्ष में अब तक 394 लोगों की जान जा चुकी है, जिनमें 83 बच्चे और 42 महिलाएं शामिल हैं. इसके अलावा 1,130 से अधिक लोग घायल हुए हैं. जानमाल के नुकसान के साथ-साथ पलायन का संकट भी गहरा गया है.
- अब तक 5 लाख से अधिक लोग बेघर होकर विस्थापित हुए हैं.
- UNICEF के अनुसार लेबनान में हर दिन औसतन 10 बच्चों की मौत हो रही है.
- हमलों में 9 बचाव कर्मियों की भी जान गई है, जिसकी लेबनान के स्वास्थ्य मंत्री ने कड़ी निंदा की है.
- इज़राइल की सेना ने भी दक्षिणी लेबनान में अपने 2 सैनिकों के मारे जाने की पुष्टि की है.
आर्थिक प्रभाव और कच्चे तेल की कीमतों पर असर
मध्य पूर्व में फैले इस तनाव के कारण खाड़ी देशों और वैश्विक अर्थव्यवस्था में बड़ी उथल-पुथल मची है. भारत और खाड़ी में काम करने वाले प्रवासियों पर भी इसका सीधा आर्थिक असर पड़ने की आशंका है.
- वैश्विक बाजार में कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमत उछलकर 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई है.
- भारतीय शेयर बाजार में करीब 3 प्रतिशत की भारी गिरावट दर्ज की गई है.
- बहरीन की सरकारी ऊर्जा कंपनी बाप्को ने ड्रोन हमलों के बाद अपनी रिफाइनरी में फोर्स मेजर घोषित कर दिया है.
अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया और चेतावनी
इज़राइल की सेना ने बेरूत के दक्षिणी उपनगरों और 100 से अधिक गांवों के लिए खाली करने का आदेश जारी किया है. एमनेस्टी इंटरनेशनल ने इस आदेश को अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून का संभावित उल्लंघन बताया है. संयुक्त राष्ट्र की विशेष समन्वयक जीनिन हेनिस-प्लास्चर्ट ने स्थिति को सुधारने के लिए इज़राइल का दौरा किया है. वहीं ईरान के विदेश मंत्रालय ने साफ कर दिया है कि हमले रुकने तक किसी भी तरह की बातचीत का कोई मतलब नहीं है.





