लेबनान के दक्षिणी इलाकों में इसराइल ने फिर से हवाई हमले शुरू कर दिए हैं। इन हमलों में Tyre और Nabatieh जैसे शहरों में भारी तबाही मची है और कई बेगुनाह लोग मारे गए हैं। युद्ध की इस स्थिति से आम लोगों में डर का माहौल है और लाखों लोग अपने घरों को छोड़कर भागने को मजबूर हैं।

हमलों में कितना नुकसान हुआ और कितने लोग मारे गए?

लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, 14 अप्रैल को हुए हमलों में 35 लोगों की जान गई और 159 लोग घायल होकर अस्पताल पहुंचे। Nabatieh के Abba गांव में एक मोटरसाइकिल पर हमले में Abbas Fadl Tarhini नाम के बच्चे की मौत हो गई।

  • Srifa शहर में एक घंटे के अंदर 13 हमले हुए, जिससे 20 घर पूरी तरह तबाह हो गए।
  • Tibnin के सरकारी अस्पताल की खिड़कियां और दरवाजे टूट गए।
  • पानी की सप्लाई जैसे नागरिक बुनियादी ढांचे को भी नुकसान पहुंचा।
  • अब तक 10 लाख से ज़्यादा लोग विस्थापित होकर दूसरे इलाकों में जा चुके हैं।

वाशिंगटन में हुई बातचीत और बड़े नेताओं का क्या कहना है?

इस हिंसा के बीच अमेरिका की मध्यस्थता में लेबनान और इसराइल के बीच वाशिंगटन में दशकों बाद सीधी बातचीत हुई। अमेरिका के विदेश मंत्री Marco Rubio ने इसे एक ऐतिहासिक मौका बताया ताकि हिज़बुल्लाह के प्रभाव को खत्म किया जा सके।

नाम/पद मुख्य बयान
President Joseph Aoun उम्मीद जताई कि बातचीत से लेबनान के लोगों का दुख खत्म होगा।
Israel Katz (रक्षा मंत्री) दक्षिणी लेबनान में एक सुरक्षा ज़ोन बनाने की बात कही।
Gideon Saar (विदेश मंत्री) लेबनान के साथ शांति और सामान्य संबंधों की इच्छा जताई।
Antonio Guterres (UN) इसराइल के हमलों की कड़ी निंदा की और तुरंत युद्ध रोकने को कहा।

हिज़बुल्लाह का जवाब और मौजूदा स्थिति क्या है?

हिज़बुल्लाह ने वाशिंगटन में हुई सीधी बातचीत को पूरी तरह खारिज कर दिया है और कहा है कि वह ऐसे किसी भी समझौते को नहीं मानेगा। इसके जवाब में हिज़बुल्लाह ने इसराइल के कई उत्तरी शहरों और सैन्य ठिकानों पर ड्रोन और रॉकेट से हमला किया।

जिन इलाकों को निशाना बनाया गया उनमें Kiryat Shmona, Metula, Misgav Am, Avivim, Beit Haemek और Shlomi शामिल हैं। संयुक्त राष्ट्र ने चेतावनी दी है कि अगर युद्ध नहीं रुका तो आम नागरिकों की मौत का आंकड़ा और बढ़ सकता है।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.