दक्षिण लेबनान में शनिवार 28 मार्च 2026 को हुए एक इजराइली हवाई हमले में तीन पत्रकारों की मौत हो गई है। यह हमला उस समय हुआ जब पत्रकार अपनी प्रेस लिखी हुई गाड़ी में सफर कर रहे थे। इसी दौरान एक दूसरे हमले में एम्बुलेंस को भी निशाना बनाया गया जिसमें एक पैरामेडिक की जान चली गई। लेबनान सरकार ने इस घटना की कड़ी निंदा की है और इसे अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन बताया है।

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इस हमले में किन पत्रकारों और कर्मियों की जान गई?

इस हमले में तीन प्रमुख मीडिया कर्मियों की मौत हुई है जो दक्षिण लेबनान के जेजीन शहर के पास कवरेज कर रहे थे। इसके अलावा कफ़र तेबनित में एक एम्बुलेंस पर हमला हुआ जिसमें राहत बचाव कार्य में लगे एक व्यक्ति की मौत हो गई। मरने वाले पत्रकारों के नाम इस प्रकार हैं:

  • Ali Shoaib: अल-मनार टीवी के संवाददाता
  • Fatima Ftouni: अल-मायादीन टीवी की रिपोर्टर
  • Mohammad Ftouni: अल-मायादीन टीवी के कैमरामैन

इस साल अब तक लेबनान में अपनी ड्यूटी करते हुए 5 पत्रकारों की जान जा चुकी है। पत्रकारों के अलावा शनिवार को हुए अलग-अलग हमलों में 10 और लोग मारे गए हैं और दर्जनों घायल हुए हैं।

घटना को लेकर क्या है आधिकारिक बयान?

लेबनान के राष्ट्रपति जोसेफ औन ने इस हमले को एक गंभीर अपराध बताया है। उन्होंने कहा कि पत्रकारों को सुरक्षा देने वाले अंतरराष्ट्रीय नियमों का खुलेआम उल्लंघन किया गया है। दूसरी तरफ, इजराइली सेना ने दावा किया कि अली शोएब हिजबुल्लाह के लिए काम कर रहे थे, हालांकि उन्होंने इस दावे का कोई सबूत नहीं दिया। हिजबुल्लाह ने इजराइल के इन आरोपों को पूरी तरह गलत बताया है।

लेबनान में मौजूदा हालात और आंकड़ों की जानकारी

लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने सीमा पर चल रही इस जंग के बीच ताजा आंकड़े जारी किए हैं। 2 मार्च 2026 से शुरू हुए इस तनाव में अब तक भारी नुकसान हुआ है।

विवरण संख्या
कुल मौतों की संख्या 1,142
कुल घायलों की संख्या 3,315
इस साल मारे गए पत्रकार 5
शनिवार को हुए हमले में घायल दर्जनों

अंतरराष्ट्रीय कानूनों के मुताबिक पत्रकारों को युद्ध के दौरान आम नागरिक माना जाता है। उन पर जानबूझकर हमला करना युद्ध अपराध माना जा सकता है। लेबनान में जारी हिंसा के कारण आम लोगों और मीडिया कर्मियों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।