Lebanon Attack: दक्षिणी लेबनान के नबातियेह में इसराइली युद्धक विमानों ने बोला हमला, रिहायशी इलाके को बनाया निशाना।

लेबनान के दक्षिणी इलाके में तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है और आम लोगों की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। ताजा घटनाक्रम के तहत 23 अगस्त 2026 को इसराइली युद्धक विमानों ने दक्षिणी लेबनान के नबातियेह अल-फावका के अल-देर रिहायशी इलाके में एक घर को निशाना बनाकर हवाई हमला कर दिया। लेबनानी मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार इस खास हमले में किसी के हताहत होने की अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हो पाई है, लेकिन इस कार्रवाई ने पूरे इलाके में डर का माहौल पैदा कर दिया है। पिछले कुछ समय से इस क्षेत्र में लगातार सैन्य गतिविधियां चल रही हैं, जिससे आम नागरिकों का जीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है और लोग सुरक्षित स्थानों की तलाश में अपने घर छोड़ने को मजबूर हो रहे हैं।
रातभर जारी रही बमबारी और गोलाबारी
शनिवार 23 अगस्त की तड़के सुबह से लेकर रातभर इसराइली सेना ने दक्षिणी लेबनान के कई इलाकों में बड़े पैमाने पर सैन्य अभियान चलाया। सुबह करीब 6:45 बजे इसराइली युद्धक विमानों ने नबातियेह अल-फावका के उत्तरी छोर पर स्थित अली अल-ताहेर पहाड़ियों पर दो अलग-अलग हवाई हमले किए। इस क्षेत्र में इस्राइल का दावा है कि वहां हिजबुल्लाह का भूमिगत सुरंग नेटवर्क मौजूद है। इन हवाई हमलों के साथ-साथ सुबह तक रुक-रुक कर भारी तोपखाने से गोलाबारी भी की गई, जिसमें सफेद फॉस्फोरस का इस्तेमाल किए जाने की भी खबरें सामने आई हैं। सामरिक रूप से महत्वपूर्ण अली अल-ताहेर रिज पर हुए इन शक्तिशाली विस्फोटों की आवाज दूर-दूर तक यानी सािदा शहर तक सुनाई दी, जिससे स्थानीय लोगों में भारी दहशत फैल गई।
घरों और बुनियादी ढांचे को किया जा रहा तबाह
अल-देर में हुए हमले के अलावा इसराइली सेना ने 23 अगस्त की रात के दौरान मंसूरी और मजदौन गांवों में घरों और अन्य सुविधाओं को पूरी तरह से ध्वस्त करने का बड़ा अभियान चलाया। इसके अलावा हदाथा, बीत याहून और अयता अल-जबाल में भी योजनाबद्ध तरीके से इमारतों को गिराए जाने की खबरें मिली हैं। स्थानीय जानकारों का मानना है कि इन सुनियोजित तोड़फोड़ अभियानों का मुख्य उद्देश्य इलाके की भौगोलिक स्थिति और बनावट को हमेशा के लिए बदलना है। इन सभी सैन्य कार्रवाइयों के दौरान लेबनान के पश्चिमी और केंद्रीय क्षेत्रों के ऊपर लगातार मानवरहित विमान यानी ड्रोन मंडराते रहे, जो हर गतिविधि पर पैनी नजर रखे हुए थे।
अंतरराष्ट्रीय नियमों और समझौतों का उल्लंघन
क्षेत्र में लगातार बढ़ रही इस हिंसा और सैन्य टकराव के बीच लेबनान के नेताओं ने कड़ी आपत्ति जताई है। लेबनान के राष्ट्रपति जोसेफ आउन ने अपने एक बयान में स्पष्ट रूप से कहा कि इस्राइल की ये सैन्य कार्रवाईयां अंतरराष्ट्रीय कानूनों और पहले हुए समझौतों का खुला उल्लंघन हैं। वहीं देश के प्रधानमंत्री नवाफ सलाम ने भी चेतावनी दी है कि इस तरह की हरकतों से दक्षिणी लेबनान में शांति बहाली के सभी प्रयास कमजोर हो रहे हैं। दूसरी ओर मानवाधिकार संगठनों ने घनी आबादी वाले गांवों के पास सफेद फॉस्फोरस के इस्तेमाल पर गहरी चिंता जताई है। मानवाधिकार समूहों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून के तहत रिहायशी इलाकों के ऊपर इस खतरनाक पदार्थ का इस्तेमाल करना पूरी तरह से प्रतिबंधित है, जिससे आम जनता के स्वास्थ्य पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है।