इजराइल की सेना ने 18 मार्च 2026 को लेबनान की राजधानी बेरूत के मध्य इलाकों में भारी हवाई हमले किए हैं। इन हमलों में बाचौरा (Bachoura) इलाके की एक बहुमंजिला इमारत पूरी तरह से मलबे के ढेर में बदल गई है। मलबे के नीचे दबे लोगों को निकालने के लिए लेबनान का बचाव दल और सिविल डिफेंस लगातार काम कर रहा है। लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने अपनी शुरुआती रिपोर्ट में 6 लोगों की जान जाने और 24 लोगों के घायल होने की पुष्टि की है।

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बिना चेतावनी के रिहायशी इलाकों पर हमला

सुबह करीब 1:30 बजे ज़ुग़ाक़ अल-ब्लाट और बस्ता इलाकों में रिहायशी अपार्टमेंट पर अचानक हमले हुए। अधिकारियों के मुताबिक इन हमलों के लिए पहले से कोई चेतावनी जारी नहीं की गई थी। इसके कुछ घंटे बाद सुबह 5:30 बजे बाचौरा इलाके में एक बड़ी इमारत को हवाई हमले से उड़ा दिया गया। स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया है कि मरने वालों के शवों की हालत इतनी खराब है कि उनकी पहचान के लिए DNA टेस्ट की जरूरत पड़ेगी। फिलहाल बचाव कर्मी मलबे को हटाने के लिए भारी मशीनों और हाथों का इस्तेमाल कर रहे हैं और आने वाले समय में मौत का आंकड़ा बढ़ने की पूरी आशंका है।

इजराइली सेना का बयान और 300 मीटर का नियम

इस हमले को लेकर इजराइली सेना (IDF) ने दावा किया है कि निशाना बनाई गई इमारत का इस्तेमाल हिज्बुल्लाह (Hezbollah) अपने ऑपरेशंस के लिए कर रहा था। बाचौरा हमले से पहले आईडीएफ के प्रवक्ता ने सोशल मीडिया पर चेतावनी दी थी कि लोग चिह्नित इमारतों से कम से कम 300 मीटर दूर चले जाएं। लेबनानी सुरक्षा बलों ने एम्बुलेंस और अन्य आपातकालीन वाहनों को रास्ता देने के लिए कई मुख्य सड़कों को पूरी तरह बंद कर दिया है। लेबनान के प्रधानमंत्री नवाफ सलाम ने इस तबाही को तुरंत रोकने की मांग की है ताकि राजधानी में और लोग बेघर ना हों। इन हमलों के कारण पूरे लेबनान में अब तक 10 लाख से ज्यादा लोग अपना घर छोड़ चुके हैं।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.