Israel Airstrikes: सीरिया के सैन्य अड्डे पर इसराइल का बड़ा हमला, तुर्की सेना की तैनाती को लेकर बढ़ी टेंशन.

18 अगस्त 2026 को सीरिया के इडलिब प्रांत में स्थित अबू अल-धुहूर मिलिट्री एयरबेस पर इसराइल की ओर से कई हवाई हमले किए गए। इन एयरस्ट्राइक्स की वजह से एयरबेस के रनवे और स्टोरेज इन्फ्रास्ट्रक्चर को भारी नुकसान पहुंचा है, हालांकि राहत की बात यह रही कि इस घटना में किसी भी तरह के जानमाल के नुकसान की कोई खबर सामने नहीं आई है। दिसंबर 2024 में बशर अल-असद प्रशासन के पतन के बाद से इस एयरबेस पर यह पहला हमला दर्ज किया गया है। इस पूरी सैन्य कार्रवाई में चार से आठ विमानों ने हिस्सा लिया और सीरियाई सैन्य ठिकाने को निशाना बनाया।
इसराइल ने क्यों किया हमला और क्या है तुर्की का कनेक्शन
इस हमले के तुरंत बाद इसाई प्रधानमंत्री कार्यालय ने अपनी जिम्मेदारी स्वीकार करते हुए बयान जारी किया। इसराइली अधिकारियों का कहना था कि यह कदम सुरक्षा स्थिति में कथित उल्लंघन के जवाब में उठाया गया है। इसराइल को शक था कि सीरिया इस एयरबेस पर तुर्की के सैनिकों को तैनात करने की तैयारी कर रहा है, जो कि अलेप्पो के पास स्थित है। हमले से पहले इसराइली खुफिया एजेंसियों ने अमेरिका के साथ यह जानकारी साझा की थी कि सीरिया अपनी वायु सेना को फिर से मजबूत करने के प्रयास तेजी से कर रहा है। इससे पहले 11 अगस्त 2026 को इसराइली प्रसारक कान ने भी सीरिया द्वारा वायु सेना के पुनर्निर्माण के प्रयासों पर रिपोर्ट दी थी।
सीरिया और तुर्की ने की कड़ी निंदा
सीरिया के विदेश मंत्रालय ने इन हवाई हमलों को राष्ट्रीय संप्रभुता का उल्लंघन और एक अनुचित आक्रामकता करार दिया है। विदेश मंत्री أسअद अल-शिबानी ने चेतावनी देते हुए कहा कि इस तरह के कदम इसराइल को सीधे तौर पर दमिश्क के सामने लाकर खड़ा करते हैं। खास बात यह है कि यह हमला ठीक उस दिन हुआ जब एक तुर्की सैन्य प्रतिनिधिमंडल पुनर्निर्माण योजनाओं का निरीक्षण करने के लिए उसी सुविधा केंद्र पर पहुंचा था और हमले के समय तुर्की के वाहन मौके पर मौजूद थे। वहीं दूसरी ओर, तुर्की के विदेश मंत्रालय ने भी इन हमलों की कड़ी निंदा की और इसे सीरिया की क्षेत्रीय अखंडता का उल्लंघन बताया। तुर्की लगातार सीरियाई सरकार का मुख्य समर्थक बना हुआ है और उसे प्रशिक्षण के साथ-साथ बुनियादी ढांचे में भी सहायता प्रदान कर रहा है।
अमेरिका और अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया
पारंपरिक कूटनीतिक मानदंडों से हटकर, तुर्की में अमेरिकी राजदूत और सीरिया के लिए विशेष दूत टॉम बराक ने इन हमलों पर गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने इस सैन्य कार्रवाई को एक अनावश्यक तनाव करार दिया जो क्षेत्रीय स्थिरता में योगदान नहीं देता है। अमेरिकी अधिकारी ने सभी पक्षों से बातचीत को प्राथमिकता देने की अपील की है। विश्लेषकों का मानना है कि इस इसराइली हमले का मुख्य उद्देश्य सीरियाई सेना के पुनर्निर्माण को रोकना और अंकारा को स्थानीय एयरबेस के जरिए सीरिया में अपने रणनीतिक प्रभाव को बढ़ाने से रोकना है। इस पूरे घटनाक्रम ने मध्य पूर्व में नए सिरे से तनाव को बढ़ा दिया है और सभी देशों की निगाहें इस क्षेत्र की गतिविधियों पर टिकी हुई हैं।