Lebanon Attack: इसराइल के हवाई हमले में लेबनान में 11 लोगों की मौत, तीन बच्चे और दो महिलाएं भी शामिल.

लेबनान के दक्षिणी हिस्सों में इसराइल की तरफ से किए गए भीषण हवाई हमलों में 11 लोगों की जान चली गई है। इस बड़ी घटना में तीन मासूम बच्चों और दो महिलाओं की भी मौत हो गई है, जिसके बाद से पूरे इलाके में तनाव का माहौल बहुत ज्यादा बढ़ गया है। जून महीने में हुए संघर्षविराम के बाद से यह अब तक का सबसे खतरनाक और घातक हमला माना जा रहा है, जिससे आम लोगों की जिंदगी बुरी तरह से प्रभावित हुई है।
इसराइल ने की सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने की पुष्टि
इसराइली सेना ने आधिकारिक रूप से यह बात कन्फर्म की है कि उनके विमानों ने नबातिएह और अंसार इलाकों में हिजबुल्लाह के बुनियादी ढांचे को टारगेट किया था। इसराइली अधिकारियों का कहना है कि यह सैन्य कार्रवाई एक जवाबी कदम के रूप में उठाई गई थी, क्योंकि हाल ही में हुए एक हिजबुल्लाह के हमले में उनके 3 सैनिक गंभीर रूप से घायल हो गए थे। सेना ने यह भी आरोप लगाया कि हिजबुल्लाह जानबूझकर आम नागरिकों को अपने सैन्य ठिकानों के पास रखता है ताकि हमलों से बचा जा सके। इस हमले में मारे गए लोगों की पहचान अली समीर अल-हज हसन के परिवार के सदस्यों के रूप में हुई है, जो हिज़बुल्लाह की खास राडवान फोर्स के एक वरिष्ठ कमांडर बताए जाते हैं।
बातचीत शुरू करने का दबाव और लेबनान का कड़ा विरोध
इस खूनखराबे और हिंसा के बाद इस्रायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के प्रवक्ता डोरन स्पीलमैन का एक बयान सामने आया है। उन्होंने कहा कि इस सैन्य कार्रवाई को अमेरिका की मध्यरस्थी में होने वाली गंभीर बातचीत को फिर से तेजी से शुरू करने के एक मौके के रूप में देखा जाना चाहिए। दूसरी तरफ लेबनान के राष्ट्रपति जोसेफ आउन और प्रधानमंत्री नवाफ सलाम ने इन हमलों की कड़ी निंदा की है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा है कि यह अंतरराष्ट्रीय कानूनों का बहुत खतरनाक उल्लंघन है, जिसे किसी भी कीमत पर सही नहीं ठहराया जा सकता है।
हिजबुल्लाह की चेतावनी और आगे का हाल
एक तरफ जहां अमेरिका इस मामले को सुलझाने के लिए लगातार मध्यस्थता की कोशिश कर रहा है, वहीं हिजबुल्लाह संगठन ने इस आक्रामकता का उचित जवाब देने की सख्त चेतावनी दी है। हिजबुल्लाह ने लेबनान की सरकार से यह भी अपील की है कि वह इसराइल के साथ चल रही सीधी बातचीत को तुरंत रोक दे, जिसे उन्होंने अपमानजनक बताया है। इस ताजा तनाव के कारण मध्य पूर्व में शांति की उम्मीदों को एक बार फिर से बहुत बड़ा झटका लगा है और आम जनता में डर का माहौल बना हुआ है।