इसराइल का बड़ा हमला, लेबनान और सीरिया में की ताबड़तोड़ एयरस्ट्राइक, मची तबाही.

मध्य पूर्व में तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है और आम लोगों की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। 22 अगस्त 2026 को इसराइली सेना ने दक्षिणी लेबनान और दक्षिण-पश्चिमी सीरिया के कई इलाकों में ताबड़तोड़ सैन्य कार्रवाई को अंजाम दिया। इस दौरान कई घरों और इमारतों को निशाना बनाया गया जिससे भारी तबाही देखने को मिली है और पूरे इलाके में डर का माहौल बना हुआ है।
लेबनान के कई शहरों में भारी तबाही और गोलाबारी
लेबनान में इसराइली सेना ने हवाई हमले और तोप से गोले बरसाने का काम दिनभर जारी रखा। मays al-Jabal के पास बने घरों को निशाना बनाकर हमले किए गए। इसके अलावा Mansouri, Bayt al-Sayyad और Majdal Zoun के बाहरी इलाकों में भी हमलों का असर साफ देखा गया। लेबनान की नेशनल न्यूज एजेंसी के मुताबिक, Bayt al-Sayyad शहर में सबसे ज्यादा बर्बादी हुई है और वहां का एक भी घर ऐसा नहीं बचा जो सुरक्षित बचा हो। इसके अलावा Hadatha, Beit Yahoun और Aita al-Jabal में भी कई धमाकों की आवाजें सुनी गईं और आसपास की घाटियों में मशीन गन से अंधाधुंध गोलियां चलाई गईं। इसराइली सेना ने Dawhat Kfar Remman और Dabsha hill के इलाकों में फॉस्फोरस शेल्स का भी इस्तेमाल किया।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ रही चिंता
यह सैन्य कार्रवाई ऐसे समय में तेज हुई है जब इस पूरे इलाके में तनाव पहले से ही चरम पर है। संयुक्त राष्ट्र के एक प्रवक्ता ने 18 अगस्त 2026 को बताया था कि हिंसा में खतरनाक तेजी आई है। UNIFIL के डेटा के अनुसार, पिछले दो हफ्तों में इसराइल की तरफ से दक्षिणी लेबनान पर हर दिन औसतन 137 प्रोजेक्टाइल दागे गए। वहीं दूसरी ओर, अमेरिका ने 20 अगस्त 2026 को संकेत दिया था कि वह 31 दिसंबर 2026 के बाद UNIFIL के कार्यकाल को आगे बढ़ाने का समर्थन नहीं करेगा। अमेरिका चाहता है कि सुरक्षा की सारी जिम्मेदारी अब लेबनान की सेना को सौंप दी जानी चाहिए। इस पूरी घटना की विस्तृत जानकारी QNA News पर भी साझा की गई है।
सीरिया के Beit Jinn में ड्रोन हमला
लेबनान के अलावा सीरिया में भी इसराइल की कार्रवाई देखने को मिली। 22 अगस्त 2026 को दक्षिण-पश्चिमी सीरिया के Beit Jinn के पास एक इसराइली ड्रोन हमले में एक व्यक्ति की मौत हो गई। इस हमले के बाद सीरिया के विदेश मंत्रालय ने कड़ा रुख अपनाते हुए इसे अंतरराष्ट्रीय कानून और देश की संप्रभुता का खुला उल्लंघन बताया है। हालांकि, इसराइली सेना ने इस ऑपरेशन की पुष्टि करते हुए कहा कि उनका निशाना एक ऐसा व्यक्ति था जो आतंकवादी हमलों की साजिश रच रहा था और इसराइली सैनिकों के लिए बड़ा खतरा बन चुका था। लगातार हो रहे इन हमलों से आम जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है और लोग दहशत के साये में जीने को मजबूर हैं।