इसराइल और ईरान के बीच युद्ध जैसी स्थिति बन गई है। इसराइली सेना ने ईरान की राजधानी तेहरान और अन्य प्रमुख शहरों में हवाई हमलों की एक बड़ी लहर शुरू कर दी है। इन हमलों का मकसद ईरान के महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचाना बताया जा रहा है। आधिकारिक जानकारी के अनुसार, इस गोलाबारी में अब तक 34 से ज्यादा लोगों की जान जा चुकी है और कई तेल संयंत्रों में भारी नुकसान की खबर है।

इन हवाई हमलों में किन जगहों को बनाया गया निशाना?

इसराइली वायुसेना ने ईरान के अंदर घुसकर कई रणनीतिक ठिकानों को तबाह कर दिया है। सेना ने तेहरान के पास मौजूद तीन बड़े एयरपोर्ट और ईरान के सबसे बड़े पेट्रोकेमिकल प्लांट को निशाना बनाया है। इससे ईरान की आर्थिक व्यवस्था पर भी गहरी चोट पहुंची है।

  • हवाई अड्डे: तेहरान के बहराम, मेहराबाद और आज़मयेश एयरपोर्ट पर बमबारी की गई।
  • तेल संयंत्र: असालुयेह स्थित पेट्रोकेमिकल प्लांट के हमले में 85 प्रतिशत निर्यात क्षमता प्रभावित हुई है।
  • सैन्य कमांडर: आईआरजीसी के कई बड़े अधिकारी और सैन्य कमांडर इन हमलों में मारे गए हैं।

अमेरिका की चेतावनी और ईरान का जवाबी रुख क्या है?

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को सख्त चेतावनी दी है कि वह जलमार्गों को खुला रखे, वरना आने वाले समय में और हमले होंगे। ईरान ने भी इसराइल पर पलटवार करते हुए कई मिसाइलें दागी हैं और इसे देश की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ बताया है।

घटना की जानकारी प्रमुख विवरण
हमले की तारीख 6 और 7 अप्रैल 2026
कुल मौतें 34 से अधिक लोग मारे गए
ईरानी प्रतिक्रिया मिसाइल इंटरसेप्शन और जवाबी हमले की धमकी
अमेरिकी रुख हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य खोलने के लिए समय सीमा दी

इस तनाव की वजह से पूरे खाड़ी क्षेत्र में हलचल तेज हो गई है। इसका सीधा असर अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार और विमान सेवा के रूट पर पड़ सकता है। खाड़ी देशों में रहने वाले प्रवासियों के लिए यह सुरक्षा की दृष्टि से काफी गंभीर खबर है क्योंकि दोनों देशों के बीच तनाव कम होने के संकेत नहीं दिख रहे हैं।

Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com