लेबनान के दक्षिणी हिस्से में एक बार फिर धमाकों की गूंज सुनाई दी है। 30 अप्रैल 2026 को इसराइल ने लेबनान के हारिस, बेत यहून और अल घन्दौरिया कस्बों पर जोरदार हवाई हमले किए। हैरान करने वाली बात यह है कि यह सब उस समय हुआ जब दोनों देशों के बीच सीज़फ़ायर लागू होना था।
लेबनान में हवाई हमले और सीज़फ़ायर का क्या हाल है?
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इसराइल और हिज़्बुल्लाह के बीच 10 दिनों के सीज़फ़ायर को तीन हफ़्तों के लिए बढ़ाया था। लेकिन इसराइल की सेना का कहना है कि वे अपनी रक्षा के लिए हमले कर रहे हैं और इस पर सीज़फ़ायर की पाबंदी नहीं है। 29 अप्रैल को IDF के चीफ ऑफ स्टाफ एयाल जामीर ने साफ़ कह दिया था कि कॉम्बैट फ्रंट पर कोई सीज़फ़ायर नहीं है और वे खतरों को हटाने के लिए ऑपरेशन जारी रखेंगे।
लेबनान सरकार और संयुक्त राष्ट्र की क्या प्रतिक्रिया है?
लेबनान के राष्ट्रपति जोसेफ औन ने मांग की है कि जब तक इसराइल पूरी तरह से सीज़फ़ायर का पालन नहीं करता, तब तक सीधी बातचीत नहीं हो सकती। दूसरी तरफ, संयुक्त राष्ट्र (UN) ने इस स्थिति को बहुत खतरनाक बताया है। UN का कहना है कि आम नागरिकों और स्वास्थ्य कर्मियों पर हमले अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन हैं। साथ ही यह जानकारी सामने आई है कि इसराइल लेबनान में लितानी नदी तक 10 किलोमीटर चौड़ा एक सुरक्षा क्षेत्र (Security Zone) बनाने की योजना बना रहा है।
- हमले की तारीख: 30 अप्रैल 2026
- टारगेट इलाके: हारिस, बेत यहून और अल घन्दौरिया
- मुख्य विवाद: सीज़फ़ायर के बावजूद जारी हमले
Frequently Asked Questions (FAQs)
इसराइल ने लेबनान के किन शहरों पर हमला किया?
30 अप्रैल 2026 को इसराइल ने दक्षिणी लेबनान के तीन कस्बों, हारिस, बेत यहून और अल घन्दौरिया पर हवाई हमले किए।
सीज़फ़ायर के बावजूद हमले क्यों हो रहे हैं?
IDF के चीफ ऑफ स्टाफ का कहना है कि कॉम्बैट फ्रंट पर कोई सीज़फ़ायर नहीं है और इसराइल अपनी रक्षा के लिए खतरों को हटाने हेतु ऑपरेशन जारी रखेगा।