21 मार्च 2026 को इजरायल ने ईरान की राजधानी तेहरान और लेबनान के बेरूत में हवाई हमले किए। इजरायली सेना ने बताया कि तेहरान में सरकारी ठिकानों और बेरूत में Hezbollah के ठिकानों को निशाना बनाया गया है। इस कार्रवाई के बाद ईरान ने भी जवाबी हमले की चेतावनी दी है और कई मिसाइलें दागी हैं। मध्य पूर्व में बिगड़ते हालातों को देखते हुए अमेरिका ने अपनी सैन्य शक्ति बढ़ाने का फैसला लिया है।

खाड़ी देशों और लेबनान में क्या नुकसान हुआ?

इस टकराव का असर केवल ईरान और इजरायल तक सीमित नहीं रहा बल्कि पड़ोसी खाड़ी देशों में भी इसकी गूंज सुनाई दे रही है। युद्ध के कारण लेबनान में भारी विस्थापन हुआ है और खाड़ी के कई देशों ने अपने एयर डिफेंस सिस्टम को सक्रिय कर दिया है।

  • सऊदी अरब: रक्षा मंत्रालय ने रात के दौरान देश के पूर्वी हिस्से में 22 ड्रोन को मार गिराया है।
  • बहरीन: तनाव शुरू होने के बाद से अब तक 143 मिसाइलें और 242 ईरानी ड्रोन नष्ट किए गए हैं।
  • कुवैत: Mina Al-Ahmadi तेल रिफाइनरी पर ड्रोन से हमला हुआ जिससे वहां आग लग गई।
  • लेबनान: स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक 2 मार्च से अब तक 1,021 लोग मारे जा चुके हैं और 10 लाख से ज्यादा लोग बेघर हुए हैं।
  • UAE: दुबई में तेज धमाकों की आवाज के बाद एयर डिफेंस द्वारा बचाव की पुष्टि की गई है।

अमेरिका की रणनीति और विशेषज्ञों की चिंता

अमेरिका ने मध्य पूर्व में अपनी मौजूदगी मजबूत करने के लिए 3 अतिरिक्त युद्धपोत और 2,500 Marines भेजे हैं। इसके साथ ही क्षेत्र में अमेरिकी सैनिकों की कुल संख्या अब 50,000 के करीब पहुंच गई है। Pentagon ने इस युद्ध के लिए 200 अरब डॉलर की अतिरिक्त फंडिंग की मांग की है। हालांकि राष्ट्रपति Donald Trump इस ऑपरेशन को धीरे-धीरे कम करने पर भी विचार कर रहे हैं और उन्होंने तेल निर्यात पर कुछ पाबंदियों में ढील दी है।

रक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि लगातार चल रहे मिसाइल हमलों के कारण दुनिया भर में एयर डिफेंस मिसाइलों का स्टॉक खत्म होने के कगार पर है। जर्मन डिफेंस कंपनी Rheinmetall के प्रमुख ने बताया कि Patriot मिसाइलों की भारी कमी हो गई है क्योंकि उन्हें यूरोप से हटाकर मध्य पूर्व में तैनात किया जा रहा है। इजरायली प्रधानमंत्री ने दावा किया है कि ईरान की मिसाइल क्षमता को काफी नुकसान पहुंचाया गया है।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.