मिडल ईस्ट में एक बार फिर युद्ध के बादल छा गए हैं। इसराइल और अमेरिका ने मिलकर ईरान पर सैन्य हमला करने की पूरी तैयारी कर ली है। इसराइल की सेना इस वक्त हाई अलर्ट पर है और दुनिया की नज़रें अब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के फैसले पर टिकी हैं कि वह कब हमला करने का आदेश देते हैं।

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इसराइल और अमेरिका की सैन्य तैयारी क्या है

इसराइल के सरकारी ब्रॉडकास्टर Kan TV के मुताबिक एक आधिकारिक बयान आया है कि देश ईरान के खिलाफ युद्ध के लिए तैयार है। इसराइल की सेना के प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल एयाल ज़मीर ने बताया कि सेना इस समय सबसे ऊंचे अलर्ट लेवल पर है। प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू भी अमेरिकी हमले में शामिल होने के लिए तैयार हैं। अधिकारियों का मानना है कि अगर ईरान के एनर्जी सेक्टर यानी बिजली और तेल के ठिकानों पर हमला हुआ, तो ईरान बातचीत में ज़्यादा नरम रुख अपना सकता है। वहीं अमेरिका के एक सुरक्षा अधिकारी ने कन्फर्म किया है कि दोनों देशों ने सैन्य ऑपरेशन की तैयारी पूरी कर ली है और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप जल्द ही इस पर अंतिम फैसला लेंगे।

ईरान की चेतावनी और दुनिया का रुख

दूसरी तरफ ईरान भी चुप नहीं बैठा है। ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बागेर गालिबाफ ने कहा कि अमेरिका जानबूझकर नया युद्ध शुरू करना चाहता है, इसलिए ईरान को अपनी तैयारी और मज़बूत करनी होगी। ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने चेतावनी दी है कि अगर उन पर हमला हुआ, तो यह जंग सिर्फ इलाके तक सीमित नहीं रहेगी बल्कि इसके असर पूरी दुनिया में दिखेंगे और वे करारा जवाब देंगे। इस तनाव के बीच सऊदी अरब, कतर और यूएई जैसे खाड़ी देशों ने राष्ट्रपति ट्रंप से अपील की है कि वे हमले में देरी करें ताकि बातचीत से मामला सुलझाया जा सके। पाकिस्तान इस समय अमेरिका और ईरान के बीच मध्यस्थता की कोशिश कर रहा है, जबकि चीन और रूस ने युद्ध रोकने और शांति बनाने की बात कही है।

डोनाल्ड ट्रंप का कड़ा रुख और मौजूदा हालात

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने साफ़ कहा है कि प्रधानमंत्री नेतन्याहू वही करेंगे जो वह चाहेंगे। उन्होंने चेतावनी दी है कि ईरान के पास समझौता करने के लिए अब केवल कुछ ही दिन बचे हैं, वरना हमले होंगे। ट्रंप ने बताया कि उन्होंने कुछ खाड़ी देशों के कहने पर हमले को फिलहाल टाल दिया था लेकिन वह किसी जल्दबाज़ी में नहीं हैं। वर्तमान में ईरान के बंदरगाहों पर अमेरिका ने नाकेबंदी कर रखी है, जिसके जवाब में ईरान ने हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को बंद कर दिया है। पूर्व सैन्य खुफिया प्रमुख तामिर हायमन ने बताया कि पिछले हमलों में ईरान के परमाणु और मिसाइल ठिकाने पूरी तरह तबाह नहीं हुए थे क्योंकि वे ज़मीन के नीचे गहरे बंकरों में छिपे हैं।

Frequently Asked Questions (FAQs)

इसराइल और अमेरिका ईरान पर हमला क्यों करना चाहते हैं

अमेरिका और इसराइल का मानना है कि ईरान के एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमला करने से ईरान बातचीत की मेज पर आएगा और उसकी सैन्य ताकत कम होगी।

खाड़ी देशों और पाकिस्तान की इस मामले में क्या भूमिका है

सऊदी अरब, यूएई और कतर ने युद्ध रोकने के लिए ट्रंप से समय मांगा है, वहीं पाकिस्तान अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत करवाने की कोशिश कर रहा है।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.