Hind Rajab Case: इसराइल ने 5 साल की बच्ची की मौत पर किया बड़ा ऐलान, शुरू होगी फौज की आपराधिक जांच.

फिलीस्तीन की पांच साल की बच्ची Hind Rajab की मौत के दो साल से ज्यादा समय बीत जाने के बाद, इसराइली सेना ने आखिरकार मान लिया है कि उसके सैनिकों ने उस कार पर फायरिंग की थी जिसमें वह फंसी हुई थी। यह घटना 29 जनवरी 2024 की है, जब इस मामले में सेना ने पहले सभी आरोपों को खारिज कर दिया था। अब इस मामले में एक आपराधिक जांच शुरू करने की घोषणा की गई है, जिसे मिलिट्री पुलिस क्रिमिनल इन्वेस्टिगेशन डिवीजन द्वारा चलाया जाएगा। इस खबर के सामने आने के बाद दुनिया भर में एक बार फिर से इस दर्दनाक घटना पर चर्चा शुरू हो गई है और आम लोग इस पर अपनी तीखी प्रतिक्रिया दे रहे हैं।
घटना का पूरा विवरण और पीड़ित
Hind Rajab की मौत उस गाड़ी में हुई थी जिसमें वह अपने छह रिश्तेदारों के साथ सवार थी। मरने वालों में उसके चाचा, चाची और चार चचेरे भाई-बहन शामिल थे। इसके अलावा, फिलिस्तीनी रेड क्रिसेंट यानी PRCS के दो पैरामेडिक्स, जिनका नाम Yusuf Al-Zeino और Ahmed Al-Madhoun था, उनको बचाने की कोशिश के दौरान मारे गए थे। घटना के समय संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार उच्च कमिश्नर Volker Turk ने इस पूरी घटना को युद्ध अपराध की श्रेणी में रखा था। इस नई जांच की घोषणा के बाद से लोगों के मन में न्याय मिलने को लेकर कई तरह के सवाल खड़े हो रहे हैं क्योंकि शुरुआती दौर में सेना ने इस जिम्मेदारी से साफ इंकार कर दिया था।
जांच पर उठ रहे सवाल और परिवार की प्रतिक्रिया
इसराइली सेना की तरफ से जांच शुरू करने के इस ऐलान के बाद लोगों में काफी अविश्वास देखा जा रहा है। Hind Rajab की दादी ने इस कदम को पूरी तरह से नाकाफी बताया है। उन्होंने एक स्वतंत्र और अंतरराष्ट्रीय जांच की मांग की है और इसराइली न्याय व्यवस्था पर अपना पूरा भरोसा न होने की बात कही है। ब्रसेल्स स्थित Hind Rajab Foundation ने भी इस फैसले पर कड़ी आपत्ति जताई है। संस्था का कहना है कि सेना खुद अपनी ही ताकतों की निष्पक्ष जांच नहीं कर सकती है। आपको बता दें कि इस फाउंडेशन ने पहले ही 3 मई 2025 को द हेग स्थित अंतरराष्ट्रीय आपराधिक न्यायालय यानी ICC में लेफ्टिनेंट कर्नल Aharon को निशाना बनाते हुए युद्ध अपराध की शिकायत दर्ज कराई थी।
मेडिकल स्टाफ और अन्य मामलों पर कार्रवाई
पीआरसीएस के डिस्पैचर Rana Faqih ने भी मेडिकल स्टाफ को निशाना बनाए जाने की घटना की जांच के लिए एक निष्पक्ष और पारदर्शी कमेटी बनाए जाने की पुरजोर मांग की है। इस मामले के अलावा, इसराइली सेना ने मार्च 2025 के दौरान राफा के पास 15 फिलिस्तीनी मेडिक्स की मौत के मामलों की भी जांच करने की घोषणा की है। हालांकि, सेना ने कई अन्य चर्चित मामलों में आपराधिक जांच शुरू करने से साफ इनकार कर दिया है, जिसमें वर्ल्ड सेंट्रल किचन और डॉक्टर्स विदाउट बॉर्डर्स यानी MSF के कर्मचारी शामिल थे। इस तरह के फैसलों से मानवीय सहायता प्रदान करने वाले संगठनों में भी गहरी नाराजगी और चिंता का माहौल बना हुआ है.