इजरायल ने ईरान के खिलाफ अपनी सैन्य कार्रवाई को और भी ज्यादा आक्रामक बनाने की तैयारी कर ली है। इजरायली चैनल 12 की रिपोर्ट के मुताबिक, सरकार ने ईरान के सैन्य और भारी उद्योगों को निशाना बनाने वाली नई योजनाओं को हरी झंडी दे दी है। यह फैसला ऐसे समय में आया है जब तेहरान के कई इलाकों में तेज धमाकों की आवाजें सुनी गई हैं और आसमान में धुएं का गुबार देखा गया है। अमेरिका और इजरायल आने वाले दिनों में मिलकर इन हमलों को अंजाम दे सकते हैं।

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इजरायल की नई सैन्य योजना में क्या शामिल है?

इजरायल की नई योजना का मुख्य मकसद ईरान की हथियार बनाने की क्षमता को पूरी तरह से खत्म करना है। सुरक्षा सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि आने वाले दिनों में ईरान के औद्योगिक केंद्रों पर और भी हमले होंगे। इजरायली अधिकारियों का मानना है कि अब बातचीत का समय खत्म हो चुका है और सैन्य कार्रवाई ही एकमात्र रास्ता बचा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी इन रणनीतिक ठिकानों पर हमले के लिए पूरी तरह इनकार नहीं किया है, हालांकि वे अभी भी बातचीत के लिए थोड़ा और समय देना चाहते हैं।

ईरान और इजरायल के बीच हालिया घटनाक्रम और हमले

पिछले कुछ दिनों में दोनों देशों के बीच जंग जैसे हालात बन गए हैं और इजरायली सेना ने ईरान के अंदर घुसकर कई महत्वपूर्ण ठिकानों को तबाह करने का दावा किया है। इस दौरान ईरान ने भी जवाबी कार्रवाई करते हुए इजरायली शहर इलियट की तरफ मिसाइलें दागी हैं। जमीनी हकीकत और हमलों की जानकारी नीचे दी गई टेबल में देखी जा सकती है:

तारीख प्रमुख घटना और हमले
27 मार्च 2026 बैलिस्टिक मिसाइल यूनिट और सैन्य प्रशिक्षण केंद्रों पर भारी बमबारी की गई।
28 मार्च 2026 दो परमाणु ठिकानों और समुद्री उद्योगों पर इजरायली हवाई हमले हुए।
29 मार्च 2026 तेहरान के उत्तर-पूर्वी इलाकों में धमाके हुए और सैन्य उद्योगों पर हमले की योजना मंजूर हुई।

युद्ध रोकने के लिए क्षेत्रीय देशों की बैठक

मिडल ईस्ट में बढ़ते तनाव को देखते हुए कई मुस्लिम देशों ने शांति की अपील की है। सऊदी अरब, पाकिस्तान, तुर्की और मिस्र के प्रतिनिधियों ने इस्लामाबाद में एक बड़ी बैठक की है ताकि इस युद्ध को रोकने का कोई रास्ता निकाला जा सके। इस बैठक को चीन का भी समर्थन हासिल है। दूसरी तरफ, ईरान के संसद अध्यक्ष मोहम्मद बाकर कलीबाफ ने साफ किया है कि देश किसी भी कीमत पर आत्मसमर्पण नहीं करेगा और अपनी सीमाओं की रक्षा के लिए लड़ता रहेगा।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.