इसराइल के आर्मी चीफ Eyal Zamir ने आने वाले समय को लेकर एक बड़ी चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि 2026 साल सभी मोर्चों पर लड़ाई का साल हो सकता है। सेना में सैनिकों की भारी कमी है, जिसे पूरा करने के लिए अब नए जवानों की भर्ती करना बहुत जरूरी हो गया है। इस खबर से पूरे इलाके में तनाव बढ़ गया है।
2026 में जंग की आशंका और सैनिकों की कमी क्यों है?
इसराइल के आर्मी चीफ Lieutenant General Eyal Zamir ने साफ कहा कि 2026 में सभी मोर्चों पर लड़ाई जारी रह सकती है। सेना में इस वक्त जवानों की बहुत कमी है, जिसकी वजह से आर्मी चीफ ने पहले ही चेतावनी दी थी कि IDF के सामने संकट खड़ा हो सकता है।
- सैनिकों की कमी: मार्च 2026 में बताया गया था कि सेना में करीब 12,000 सैनिकों की कमी है।
- नई मांग: सरकार से नए भर्ती कानून और रिजर्व ड्यूटी नियमों को लागू करने की मांग की गई है ताकि जवानों की संख्या बढ़ाई जा सके।
- बढ़ता दबाव: कई मोर्चों पर एक साथ लड़ाई की वजह से मौजूदा सैनिकों पर काम का बोझ बहुत बढ़ गया है।
लेबनान और हिजबुल्लाह के बीच क्या विवाद चल रहा है?
एक तरफ लेबनान के राष्ट्रपति Joseph Aoun जंग खत्म करने के लिए इसराइल से बातचीत करना चाहते हैं, वहीं हिजबुल्लाह के नेता Naim Qassem ने इस बातचीत को सिरे से खारिज कर दिया है। इस बीच, इसराइल ने लेबनान के कई इलाकों में हमले किए हैं।
- सैन्य कार्रवाई: इसराइल ने दक्षिणी लेबनान और पूर्वी बेका में 50 से ज्यादा आतंकी ठिकानों को तबाह करने का दावा किया है।
- आंतरिक विवाद: राष्ट्रपति Aoun ने उन लोगों पर देशद्रोह का आरोप लगाया है जिन्होंने लेबनान को बाहरी देशों के फायदे के लिए जंग में धकेला।
- अनुशासन पर सख्ती: आर्मी चीफ Zamir ने दक्षिण लेबनान में सैनिकों द्वारा लूटपाट की खबरों पर नाराजगी जताई और कहा कि ऐसे काम सेना का नाम खराब करते हैं, जिसकी जांच की जाएगी।