22 अप्रैल 2026 को एक बड़ी घटना सामने आई जब करीब 40 इसराइली बसने वाले सीरिया की सीमा में घुसने की कोशिश कर रहे थे। इसराइली सेना ने उन्हें सैन्य कब्जे वाले बफर जोन में ही रोक लिया और वापस इसराइल भेज दिया। अब इन सभी लोगों को पुलिस ने अपनी हिरासत में ले लिया है।

सीरिया में घुसने की कोशिश किसने और क्यों की

इन लोगों को Bashan Pioneers के नाम से जाना जाता है। जानकारी के मुताबिक, ये लोग सीरिया के हादर शहर में करीब आधा किलोमीटर अंदर तक चले गए थे। वहां उन्होंने एक इमारत में खुद को बंद कर लिया था। उनका दावा था कि वे तब तक वहीं रहेंगे जब तक इसराइली सरकार वहां बस्तियां बसाने की मंजूरी नहीं दे देती।

इसराइली सेना और पुलिस का क्या कहना है

इसराइली सेना ने इस पूरी घटना की कड़ी निंदा की है। आर्मी का कहना है कि यह एक गंभीर अपराध है जिससे सैनिकों और आम नागरिकों की जान को खतरा हो सकता है। दूसरी तरफ, इसराइल पुलिस ने साफ किया कि सीरिया या लेबनान की सीमा पार करना कानूनी जुर्म है और इसके लिए दोषी को 4 साल तक की जेल हो सकती है।

सीरिया और इसराइल के बीच मौजूदा स्थिति

दिसंबर 2024 में बशर अल-असद की सरकार गिरने के बाद से सीमा पर हालात बदले हुए हैं। इसराइल ने 1974 के पुराने समझौते को खत्म मान लिया है और बफर जोन में अपनी मौजूदगी बढ़ा दी है। प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने मांग की है कि दक्षिणी सीरिया को पूरी तरह हथियारों से मुक्त किया जाए। वहीं, सीरिया के राष्ट्रपति अहमद अल-शरा ने कहा है कि अगर इसराइल कब्जे वाले इलाकों से पीछे हटता है तो वे बातचीत कर सकते हैं।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.