इसराइल और लेबनान के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। इसराइल के प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu ने ऐलान किया है कि उनकी सेना लेबनान में तब तक रुकी रहेगी जब तक ज़रूरत होगी। यह बयान लेबनान में चार इसराइली सैनिकों की मौत के बाद आया है, जिसमें एक बटालियन कमांडर भी शामिल थे।

Netanyahu ने कहा कि इसराइल अपने उत्तरी इलाकों की सुरक्षा के लिए कोई समझौता नहीं करेगा। उन्होंने साफ़ किया कि अगर उनके सैनिकों या ज़मीन पर हमला हुआ, तो Hezbollah को इसकी भारी कीमत चुकानी होगी। इसी बीच, इसराइली सेना ने दक्षिणी लेबनान में Hezbollah के करीब 80 ठिकानों पर हमले किए हैं।

लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, इन हमलों में अब तक कम से कम 18 आम नागरिकों की जान जा चुकी है। दूसरी तरफ, इसराइल के राष्ट्रीय सुरक्षा मंत्री Itamar Ben-Gvir ने सख्त बयान देते हुए कहा कि पूरे लेबनान को जलना होगा। Hezbollah ने इन हमलों को युद्धविराम का उल्लंघन बताया है और कहा है कि वे अपनी ज़मीन और लोगों की रक्षा करेंगे।

इस लड़ाई का असर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी दिख रहा है। स्विट्जरलैंड में अमेरिका और ईरान के बीच होने वाली बातचीत अब टल गई है क्योंकि ईरान ने इसराइल के हमलों के चलते इस मीटिंग को रोक दिया है। वहीं, अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने सभी मोर्चों पर पूरी तरह से युद्धविराम की मांग की है।

इससे पहले Netanyahu ने यह भी कहा था कि इसराइल दक्षिणी लेबनान में सीमा से 10 किलोमीटर तक सुरक्षा ज़ोन बनाए रखेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक सुरक्षा की ज़रूरत रहेगी, सेना वहां से पीछे नहीं हटेगी।