इसराइल में ईरान के लिए जासूसी करने के आरोप में दो युवक गिरफ्तार, नेस जियोना शहर के रहने वाले हैं दोनों
इजरायल में ईरान के लिए जासूसी करने के शक में सुरक्षा बलों ने दो युवकों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए युवक 19 वर्षीय सागी हाइक और 21 वर्षीय असाफ शीट्रिट हैं। रिपोर्ट के मुताबिक ये दोनों नेस जियोना शहर के निवासी हैं और उन पर ईरान के लिए खुफिया जानकारी जुटाने का आरोप है।
जासूसी से जुड़े हालिया घटनाक्रम
इजरायल और ईरान के बीच जासूसी को लेकर पिछले कुछ समय में कई बड़ी खबरें सामने आई हैं। ईरान ने भी इजरायली एजेंटों को पकड़ने का दावा किया है, वहीं इजरायली पुलिस और शिन बेट सुरक्षा एजेंसी ने भी कई संदिग्धों को गिरफ्तार किया है।
| तारीख | घटना | विवरण |
|---|---|---|
| 10 अप्रैल 2026 | अमी गायद्रोव की गिरफ्तारी | हाइफा में 22 वर्षीय युवक को विस्फोटक बनाने और जासूसी के आरोप में पकड़ा गया। |
| 31 मार्च 2026 | ईरान में 54 गिरफ्तार | इजरायल और अमेरिका के लिए जासूसी करने के आरोप में पकड़े गए। |
| 29 मार्च 2026 | मशरकी अज़रबैजान | ईरान ने छह इजरायली एजेंटों को गिरफ्तार किया। |
| 27 मार्च 2026 | मोसाद सेल का खुलासा | ईरान ने मोसाद से जुड़े एक गुप्त नेटवर्क का भंडाफोड़ किया। |
| 10 मार्च 2026 | 30 जासूस गिरफ्तार | ईरान के खुफिया मंत्रालय ने इजरायल और अमेरिका के 30 जासूस पकड़े। |
| अगस्त 2025 | गायद्रोव का संपर्क | अमी गायद्रोव ने ईरानी एजेंट से पैसे के बदले काम करना शुरू किया था। |
दोनों देशों में जासूसी के लिए क्या सजा है
ईरान और इजरायल दोनों देशों में जासूसी को बहुत गंभीर अपराध माना जाता है। ईरान के सख्त कानूनों के तहत अमेरिका या इजरायल को जानकारी देने वालों को मौत की सजा दी जा सकती है और कई लोगों को फांसी भी दी गई है।
दूसरी तरफ, इजरायली कानून में जासूसी के अपराध को अलग-अलग श्रेणियों में बांटा गया है। इसके लिए 10 साल से लेकर उम्रकैद तक की सजा का प्रावधान है। कुछ मामलों में देशद्रोह के लिए मौत की सजा की बात भी कही गई है, लेकिन यह बहुत कम होता है।