गाज़ा में एक बार फिर हिंसा बढ़ गई है। अमेरिका की मदद से हुए सीज़फायर के बावजूद इसराइल ने मध्य गाज़ा के नुसेरत रिफ्यूजी कैंप में ड्रोन हमला किया है। इस हमले में एक फिलिस्तीनी नागरिक की जान चली गई और कई लोग घायल हुए हैं। दुनिया भर में इस घटना को लेकर चिंता जताई जा रही है।

नुसेरत कैंप में क्या हुआ और कौन था शिकार

12 मई 2026 को इसराइल ने मध्य गाज़ा के नुसेरत रिफ्यूजी कैंप के पास एक घर के बाहर ड्रोन से हमला किया। Anadolu Ajansı और मेडिकल सूत्रों के मुताबिक, इस हमले में अब्दुल रहमान अल-शाफी नाम के व्यक्ति की मौत हो गई और एक अन्य व्यक्ति घायल हो गया। फिलिस्तीनी स्वास्थ्य मंत्रालय ने इसकी पुष्टि की है। इससे पहले 11 मई को भी पूर्वी गाज़ा में दो नागरिकों की मौत और मध्य गाज़ा में आर्टिलरी हमले से दो लोगों के मारे जाने की खबर आई थी।

सीज़फायर का उल्लंघन और यूएन की रिपोर्ट

यह हमला तब हुआ जब अक्टूबर 2025 में अमेरिका की मध्यस्थता से एक सीज़फायर तय किया गया था। संयुक्त राष्ट्र के प्रवक्ता फरहान हक ने बताया कि शुक्रवार से हिंसा में काफी बढ़ोतरी हुई है। शांति रक्षकों ने इसराइली सेना (IDF) की तरफ से 1,296 और हिज़्बुल्लाह की तरफ से 64 प्रोजेक्टाइल देखे हैं। वहीं, इसराइली सेना का दावा है कि उन्होंने 11 मई को उत्तरी और दक्षिणी गाज़ा में चार आतंकवादियों को मार गिराया जो सीज़फायर लाइन पार कर चुके थे।

मेडिकल संकट और नए कानूनी नियम

गाज़ा स्वास्थ्य मंत्रालय ने चेतावनी दी है कि वहां दवाओं, मेडिकल सप्लाई और ऑक्सीजन की भारी कमी हो गई है। उनका आरोप है कि इसराइल ने ऑक्सीजन स्टेशन नष्ट कर दिए हैं जिससे स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरह चरमरा गई हैं। इसके अलावा, इसराइल की संसद (Knesset) ने 12 मई को एक कानून पारित किया है, जिसके तहत जेरूसलम में एक विशेष सैन्य अदालत बनाई जाएगी। इसमें 7 अक्टूबर के हमलों के आरोपियों पर मुकदमा चलेगा और उन्हें मौत की सजा भी दी जा सकती है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

नुसेरत रिफ्यूजी कैंप हमले में कौन मारा गया?

12 मई 2026 को हुए ड्रोन हमले में अब्दुल रहमान अल-शाफी नाम के फिलिस्तीनी नागरिक की मौत हुई और कुछ लोग घायल हुए।

क्या गाज़ा में सीज़फायर लागू था?

हाँ, अक्टूबर 2025 में अमेरिका की मध्यस्थता से सीज़फायर हुआ था, लेकिन हालिया हमलों को इस समझौते का उल्लंघन माना जा रहा है।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.