इसराइल ने 8 अप्रैल को लेबनान में ‘Operation Eternal Darkness’ के नाम से एक बहुत बड़ा सैन्य हमला किया। इस ऑपरेशन में इसराइल के करीब 50 लड़ाकू विमानों ने सिर्फ 10 मिनट के अंदर 100 से ज़्यादा जगहों पर बमबारी की। यह हमला मुख्य रूप से बेरूत, बेका घाटी और दक्षिणी लेबनान के इलाकों में किया गया। इस हमले के बाद पूरे क्षेत्र में भारी तनाव फैल गया है।

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हमले में कितना नुकसान हुआ और क्या दावे किए गए?

इसराइल की सेना ने इसे लेबनान में किया गया अब तक का सबसे बड़ा समन्वित हमला बताया है। कुछ सोशल मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि सिर्फ एक मिनट के अंदर हिज़्बुल्लाह के 180 लड़ाकों को खत्म कर दिया गया। वहीं लेबनानी अधिकारियों और अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों के आंकड़े अलग हैं। उनकी रिपोर्ट के मुताबिक इस हमले में 300 से ज़्यादा लोग मारे गए और 1,150 से ज़्यादा लोग घायल हुए, जिनमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं।

हिज़्बुल्लाह की प्रतिक्रिया और मौजूदा हालात क्या हैं?

  • हिज़्बुल्लाह ने इस हमले का जवाब देते हुए इसराइल के मनारा गाँव पर रॉकेट दागे।
  • समूह ने साफ कहा है कि जब तक हमले नहीं रुकेंगे, वे अपनी जवाबी कार्रवाई जारी रखेंगे।
  • इस युद्ध की वजह से लेबनान में 10 लाख से ज़्यादा लोग अपने घरों से विस्थापित हो चुके हैं।
  • अमेरिका और ईरान के बीच हुए युद्धविराम समझौते को लेकर विवाद है, क्योंकि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का कहना है कि इसमें लेबनान शामिल नहीं था।

शांति की कोशिशें और आगे की रणनीति

इसराइल के सैन्य प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल एयाल ज़मीर ने कहा कि वे हिज़्बुल्लाह के खिलाफ हमले जारी रखेंगे ताकि उत्तरी निवासियों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके। दूसरी ओर, ऐसी खबरें आई हैं कि इसराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू हिज़्बुल्लाह के निशस्त्रीकरण और एक संभावित शांति समझौते पर बातचीत करने के लिए तैयार हो सकते हैं। लेबनान के अधिकारी भी लड़ाई रोकने के लिए सीधी बातचीत की कोशिश कर रहे हैं।