इसराइल के यरूशलेम में एक फ्रांसीसी नन पर हुए हमले के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तनाव बढ़ गया है. फ्रांस के विदेश मंत्री Jean-Noël Barrot ने इस घटना को बेहद घिनौना बताया और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है. उनका कहना है कि पवित्र भूमि पर ईसाइयों के खिलाफ होने वाली ऐसी हरकतें अब बंद होनी चाहिए.

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यरूशलेम में नन के साथ क्या हुआ?

यह घटना 29 अप्रैल 2026 को यरूशलेम के Mount Zion इलाके के पास हुई. हमला एक 48 साल की फ्रांसीसी नन पर किया गया, जो École Biblique et Archéologique Française de Jérusalem नामक संस्थान में रिसर्चर हैं. पुलिस द्वारा जारी फुटेज में देखा गया कि एक शख्स ने नन को जमीन पर गिराया और उन्हें बार-बार लात मारी. इस हमले में नन के चेहरे पर चोटें आईं, लेकिन वह खतरे से बाहर हैं. पुलिस ने 30 अप्रैल को 36 साल के एक यहूदी व्यक्ति को गिरफ्तार किया है, जिस पर नस्लीय नफरत के आधार पर हमले का आरोप है.

फ्रांस और इसराइल सरकार की प्रतिक्रिया

इस घटना के बाद दोनों देशों की सरकारों ने अपनी प्रतिक्रिया दी है:

  • फ्रांस: विदेश मंत्री Jean-Noël Barrot ने इस हमले की कड़ी निंदा की और कहा कि फ्रांस कैथोलिक समुदायों और पवित्र स्थलों की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है. यरूशलेम में फ्रांसीसी दूतावास ने भी दोषी को जल्द सजा दिलाने की मांग की है.
  • इसराइल: इसराइल के विदेश मंत्रालय ने इसे एक शर्मनाक घटना बताया और कहा कि यह उनके देश की धार्मिक स्वतंत्रता और सह-अस्तित्व के मूल्यों के खिलाफ है. इसराइली पुलिस ने साफ किया है कि धर्मगुरुओं के खिलाफ हिंसा के मामले में उनकी ‘जीरो टॉलरेंस’ पॉलिसी है.

क्या इसराइल में ईसाइयों के खिलाफ नफरत बढ़ रही है?

धार्मिक नेताओं और जानकारों का मानना है कि इसराइल में ईसाइयों के प्रति नफरत एक गंभीर समस्या बनती जा रही है. इसे ‘Christianophobia’ कहा जा रहा है. Religious Freedom Data Centre के आंकड़ों के मुताबिक, 2026 के शुरुआती तीन महीनों में ही ईसाइयों के खिलाफ 31 ऐसी घटनाएं दर्ज की गई हैं. इनमें शारीरिक हमलों के साथ-साथ थूकने और मानसिक रूप से परेशान करने जैसी हरकतें शामिल हैं. यरूशलेम के लैटिन पैट्रिआकेट के बिशप William Shomali ने इस हमले को अत्यंत गंभीर और घृणित बताया है.

Frequently Asked Questions (FAQs)

फ्रांसीसी नन पर हमला कब और कहां हुआ था

यह हमला 29 अप्रैल 2026 को यरूशलेम के Mount Zion के पास हुआ था, जिसमें एक 48 वर्षीय फ्रांसीसी रिसर्चर नन घायल हुई थीं।

इस मामले में अब तक क्या कार्रवाई हुई है

इसराइली पुलिस ने 30 अप्रैल 2026 को एक 36 वर्षीय यहूदी व्यक्ति को गिरफ्तार किया है, जिस पर नस्लीय नफरत के कारण हमला करने का संदेह है।

Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com