सऊदी अरब के विदेश मंत्रालय ने दक्षिणी सीरिया में इजरायली सेना द्वारा किए गए हमलों की कड़े शब्दों में निंदा की है। सऊदी अरब ने इसे अंतरराष्ट्रीय कानून का खुला उल्लंघन और सीरिया की संप्रभुता पर हमला बताया है। मंत्रालय ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय और खासतौर पर UN Security Council से अपील की है कि वे क्षेत्र की शांति को बचाने के लिए अपनी जिम्मेदारी निभाएं और इन हमलों को रुकवाएं।

इजरायल ने सीरिया पर हमले के पीछे क्या वजह बताई?

इजरायली सेना ने दक्षिणी सीरिया में मौजूद सेना के कैंप, कमांड सेंटर और हथियारों के गोदामों को निशाना बनाया है। इजरायल का दावा है कि यह कार्रवाई दक्षिणी स्वेदा प्रांत (Sweida province) में द्रुज समुदाय पर हुए हमलों के जवाब में की गई है। इजरायली रक्षा मंत्री Israel Katz ने कहा कि वे सीरिया में द्रुज लोगों को नुकसान नहीं पहुंचने देंगे और उनकी सुरक्षा के लिए आगे भी कदम उठाएंगे। इजरायल ने चेतावनी दी है कि अगर जरूरत पड़ी तो वे और भी कड़ा एक्शन ले सकते हैं।

किन देशों ने जताया विरोध और क्या है उनकी मांग?

देश का नाम मुख्य प्रतिक्रिया
Saudi Arabia इसे कानून का उल्लंघन और अस्थिरता पैदा करने वाला बताया
Syria इसे क्रूर हमला और सीरिया की अखंडता पर चोट करार दिया
Qatar हमले को क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा बताया
Egypt इजरायल से कब्जा छोड़ने और UN से दखल की मांग की
Turkey इसे एक खतरनाक स्थिति बताते हुए दुनिया से कदम उठाने को कहा

सीरिया के विदेश मंत्रालय ने भी इस हमले की कड़े शब्दों में आलोचना की है। उन्होंने कहा कि इजरायल ने अंतरराष्ट्रीय चार्टर का अपमान किया है और इसके गंभीर परिणाम हो सकते हैं। कतर और मिस्र ने भी इस बात पर जोर दिया है कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय की चुप्पी की वजह से ऐसे हमले बार-बार हो रहे हैं। यह घटना 20 और 21 मार्च 2026 के बीच की है जिसके बाद पूरे खाड़ी क्षेत्र में तनाव बढ़ गया है।