दक्षिण लेबनान के Tayr Debba गांव में इसराइली हवाई हमले ने भारी तबाही मचाई है. स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक इस हमले में कम से कम तीन महिलाओं की जान चली गई और 11 लोग घायल हुए. इस हमले के साथ ही दक्षिण लेबनान के कई अन्य शहरों में भी बमबारी हुई है जिससे वहां डर और दहशत का माहौल है.
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Tayr Debba और दक्षिण लेबनान में हुए हमलों का ब्यौरा
29 अप्रैल 2026 को इसराइली सेना ने Tayr Debba गांव को निशाना बनाया. यहाँ मलबे को हटाने के लिए सिविल डिफेंस की टीमें जुटी रहीं. इसके अलावा अन्य इलाकों में भी हमले हुए:
- Jebchit: यहाँ हुए हमले में 5 लोगों की मौत हुई और 21 लोग घायल हुए, जिनमें 4 बच्चे और 9 महिलाएं शामिल थीं.
- Majdal Zoun: यहाँ बचाव कार्य कर रहे सिविल डिफेंस के 3 कर्मियों की जान चली गई.
- Khirbet Selm: ड्रोन हमले में 2 लोग मारे गए, जिनमें एक लेबनानी सैनिक और उसका भाई शामिल था.
- Jouaiyya और al-Hanniye: इन इलाकों में हुए हमलों में 5 लोगों की मौत की खबर है.
लेबनान में स्वास्थ्य सेवाओं और आम जनता का हाल
लेबनानी स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, 2 मार्च 2026 से अब तक इसराइली हमलों में 2,534 लोग मारे गए और 7,863 घायल हुए. करीब 16 लाख लोग अपने घर छोड़ने पर मजबूर हुए. स्वास्थ्य सेवाओं पर भी गहरा असर पड़ा है, जहाँ 100 स्वास्थ्यकर्मी मारे गए और 16 अस्पताल क्षतिग्रस्त हुए हैं. राष्ट्रपति Joseph Aoun ने Majdal Zoun हमले की कड़ी निंदा की और इसे अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन बताया.
इसराइल और हिजबुल्लाह के बीच क्या चल रहा है?
इसराइली सेना का कहना है कि उन्होंने हिजबुल्लाह के रॉकेट लॉन्चरों और सैन्य डिपो को निशाना बनाया है. उनका मकसद उत्तरी सीमा पर स्थिरता लाना और अपने नागरिकों की वापसी सुनिश्चित करना है. दूसरी तरफ, हिजबुल्लाह ने जवाबी कार्रवाई करते हुए इसराइली सेना की चौकियों पर सुसाइड ड्रोन हमले किए हैं. हालांकि, 17 अप्रैल को युद्धविराम का समझौता हुआ था, लेकिन हमले अब भी जारी हैं और कई लोग सुरक्षा कारणों से अपने घरों को वापस नहीं लौट पा रहे हैं.
Frequently Asked Questions (FAQs)
Tayr Debba हमले में कितने लोग मारे गए?
लेबनानी स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक इस हमले में कम से कम 3 महिलाएं मारी गईं और 11 अन्य लोग घायल हुए.
इसराइल ने इन हमलों का क्या कारण बताया?
इसराइल का कहना है कि वह हिजबुल्लाह के आतंकी ढांचे और रॉकेट लॉन्चरों को निशाना बना रहा है ताकि अपनी उत्तरी सीमा को सुरक्षित कर सके.