गज़ा में एक बार फिर खून-खराबा शुरू हो गया है। इसराइल ने आज सुबह कई इलाकों में हमले किए जिससे कम से कम चार फिलिस्तीनियों की जान चली गई। हैरानी की बात यह है कि यह हमला उस समय हुआ जब दोनों तरफ के बीच युद्धविराम का समझौता लागू था।

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गज़ा में कहाँ और कैसे हुए ये हमले?

इसराइली सेना ने अलग-अलग जगहों पर ड्रोन और मिसाइलों का इस्तेमाल किया। शेख़ रदवान इलाके के दहन स्कूल के पास हुए हमले में एक बच्चे समेत तीन लोगों की मौत हो गई। इसके अलावा जबालिया रिफ्यूजी कैंप में एक व्यक्ति को गोली मार दी गई। अल-ज़ैतौन इलाके में भी ड्रोन हमले में मोहम्मद रियाद अल-अशकर और मोहम्मद ज़ियाद अल-अशकर मारे गए। इसराइल का दावा है कि उन्होंने हमास के एक सेल को खत्म किया है जिसमें हाज़ेम रामी अली अइदी नाम का शख्स भी शामिल था।

सीज़फायर और अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं का क्या कहना है?

11 अक्टूबर 2025 को युद्धविराम घोषित हुआ था, लेकिन उसके बाद भी हमले जारी रहे। संयुक्त राष्ट्र के मानवाधिकार प्रमुख वोल्कर तुर्क ने कहा कि यह सिलसिला फिलिस्तीनियों की जान की अनदेखी को दिखाता है। अमेरिका ने इसराइल से ‘येलो लाइन’ के बाहर हमले रोकने को कहा था, लेकिन फिर भी वहां हमले हुए। हमास ने इन हमलों को बर्बर बताया है और दुनिया की चुप्पी पर सवाल उठाए हैं।

गज़ा में हालात और अब तक का नुकसान

  • 7 अक्टूबर 2023 से अब तक गज़ा में कुल 72,587 लोग मारे गए।
  • इस दौरान 1,72,381 लोग घायल हुए।
  • अक्टूबर 2025 के सीज़फायर के बाद से अब तक 809 लोग मारे गए और 2,267 घायल हुए।
  • UNRWA ने पैसों की कमी की वजह से वेस्ट बैंक के स्कूलों का हफ्ता घटाकर चार दिन कर दिया है।