मिडिल ईस्ट में एक बार फिर तनाव बहुत ज्यादा बढ़ गया है। सोमवार 8 जून 2026 को इसराइल ने ईरान के भीतर 12 अलग-अलग ठिकानों पर हमले किए हैं। इस हमले के बाद ईरान की रेड क्रेसेंट सोसाइटी ने पूरे देश में अपनी टीमों को अलर्ट पर रख दिया है। राहत की बात यह है कि इन हमलों में अभी तक किसी के घायल होने या जान जाने की कोई खबर नहीं मिली है। इस बड़ी घटना के बाद वैश्विक स्तर पर भी हलचल तेज हो गई है और कच्चे तेल की कीमतों पर भी इसका असर पड़ने की आशंका है।
ईरान के 12 इलाकों में हमला, रेड क्रेसेंट ने क्या कहा?
ईरानी रेड क्रेसेंट सोसाइटी (IRCS) के प्रवक्ता मुजतबा खालेदी ने सोमवार को पुष्टि की है कि इसराइली हमलों में देश के 12 ठिकानों को निशाना बनाया गया है। उन्होंने बताया कि इन हमलों में कोई हताहत नहीं हुआ है और न ही किसी के घायल होने की रिपोर्ट मिली है। सुरक्षा के लिहाज से रेड क्रेसेंट ने अपनी रैपिड-रिस्पॉन्स टीमों और चिकित्सा इकाइयों को स्टैंडबाय पर रखा है। प्रशासन ने आम लोगों को प्रभावित इलाकों से कम से कम 100 मीटर दूर रहने और अपने पास प्राथमिक चिकित्सा किट तैयार रखने की सलाह दी है।
तनाव को रोकने के लिए अमेरिका और अन्य देशों ने क्या कदम उठाए?
इस बड़े सैन्य टकराव के बीच वैश्विक नेताओं की चिंताएं बढ़ गई हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दोनों देशों से तुरंत गोलीबारी रोकने की अपील की है। अमेरिका ने ईरान को संदेश भेजा है कि अगर ईरान अपनी तरफ से मिसाइल हमले बंद कर देता है, तो इसराइल भी आगे हमले नहीं करेगा। वहीं ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने इस पूरे तनाव के लिए अमेरिका को जिम्मेदार ठहराया है। उनका कहना है कि इसराइल अमेरिकी तालमेल के बिना ऐसी कोई कार्रवाई नहीं कर सकता है। सऊदी अरब, मिस्र, तुर्की, पाकिस्तान और कतर जैसे क्षेत्रीय देश भी अमेरिका पर दबाव बना रहे हैं कि वह इसराइल की सैन्य कार्रवाइयों को रोके।
Ceasefire टूटने के बाद क्षेत्र में क्या हैं हालात?
लगभग दो महीने पहले अमेरिका की मध्यस्थता से हुए संघर्षविराम के बाद यह पहली बार है जब ईरान और इसराइल ने सीधे एक-दूसरे पर हमले किए हैं। सोमवार की सुबह इसराइली सेना (IDF) ने ईरान से मिसाइल दागे जाने की जानकारी मिलने के बाद जवाबी हमला शुरू किया। इस बीच यमन के हूती विद्रोहियों ने भी इसराइल की तरफ मिसाइलें दागी हैं और लाल सागर में इसराइली जहाजों को निशाना बनाने की धमकी दी है। इस पूरे घटनाक्रम के कारण स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज जैसे महत्वपूर्ण व्यापारिक मार्ग पर खतरा बढ़ गया है, जिससे दुनिया भर में तेल की सप्लाई प्रभावित हो सकती है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
क्या इसराइल के हमले में ईरान में कोई नुकसान या मौत हुई है?
ईरानी रेड क्रेसेंट सोसाइटी के प्रवक्ता मुजतबा खालेदी के अनुसार, ईरान के 12 ठिकानों पर हमले हुए हैं लेकिन किसी भी व्यक्ति के मारे जाने या घायल होने की कोई रिपोर्ट नहीं है।
ईरान-इसराइल संघर्ष को लेकर अमेरिका का क्या रुख है?
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दोनों पक्षों से तुरंत हमले रोकने की अपील की है और अमेरिका ने मध्यस्थता करते हुए कहा है कि यदि ईरान मिसाइल हमले रोकता है तो इसराइल भी रुक जाएगा।
यमन के हूती विद्रोहियों की इस जंग में क्या भूमिका है?
हूती विद्रोहियों ने इस संकट के बीच इसराइल की तरफ मिसाइलें दागी हैं और लाल सागर में इसराइली जहाजों को निशाना बनाने की चेतावनी दी है, जिसका हमास ने समर्थन किया है।
