कतर ने ईरान के साउथ पार्स (South Pars) गैस फील्ड पर इज़राइल के हमले की कड़े शब्दों में निंदा की है। यह गैस फील्ड कतर के नॉर्थ फील्ड का ही विस्तार है। कतर के विदेश मंत्रालय ने इसे एक गैर-जिम्मेदाराना कदम बताते हुए चेतावनी दी है कि ऊर्जा ठिकानों को निशाना बनाना पूरी दुनिया की सुरक्षा के लिए खतरा है। इस घटना के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में भारी उछाल देखा गया है।

हमले के बाद तेल और गैस की कीमतों पर क्या असर पड़ा?

इज़राइली हमले के तुरंत बाद वैश्विक बाजार में तेल की कीमतें बढ़ गई हैं। Brent Crude की कीमत 4 प्रतिशत से अधिक उछलकर 108 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई है। कतर ने क्षेत्र में चल रहे तनाव को देखते हुए अपनी LNG सप्लाई पहले ही बंद कर दी है जिससे दुनिया की 20 प्रतिशत गैस सप्लाई प्रभावित हुई है। अगर गैस प्लांट को और नुकसान होता है तो यह किल्लत मई महीने के बाद भी जारी रह सकती है।

प्रमुख देशों और एक्सपर्ट्स का इस मामले पर क्या कहना है?

ईरान के साउथ पार्स गैस क्षेत्र में हुए हमले से हड़कंप मच गया है। इस घटनाक्रम से जुड़ी मुख्य बातें नीचे दी गई टेबल में देख सकते हैं:

देश/संस्था ताज़ा अपडेट और प्रतिक्रिया
कतर विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता माजेद अल-अंसारी ने इसे वैश्विक स्थिरता के लिए खतरा बताया।
ईरान असालूयेह में चार गैस प्लांट बंद किए गए और ड्रोन हमले की रिपोर्ट दी गई।
इजराइल रिपोर्ट्स के अनुसार यह हमला अमेरिका के साथ तालमेल बिठाकर किया गया है।
UAE ऊर्जा ठिकानों पर हमले को वैश्विक सुरक्षा के लिए सीधा खतरा बताया है।

खाड़ी देशों में रहने वाले प्रवासियों पर इसका क्या प्रभाव होगा?

इस सैन्य तनाव का सीधा असर खाड़ी देशों में काम कर रहे भारतीय प्रवासियों और अन्य विदेशी नागरिकों पर पड़ सकता है। ईरान ने सऊदी अरब, कतर और UAE को अपने पेट्रोकेमिकल ठिकानों को खाली करने के संकेत दिए हैं। इससे मेसाईद (Mesaieed) और रास लफान (Ras Laffan) जैसे औद्योगिक क्षेत्रों में सुरक्षा चिंताएं बढ़ गई हैं। तेल और गैस की सप्लाई रुकने से न केवल खाड़ी देशों बल्कि भारत में भी ईंधन की कीमतें बढ़ सकती हैं।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.