इस्राइल की सेना ने बीती रात ईरान की राजधानी तेहरान में कई न्यूक्लियर लैब पर बड़े हवाई हमले किए। Al Jazeera की रिपोर्ट और इस्राइली मीडिया के अनुसार, इस्राइल ने ईरान के परमाणु ठिकानों को सीधा निशाना बनाया। इस बड़े हमले पर अभी तक ईरान सरकार ने कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है। यह हमला ऐसे समय में हुआ है जब मिडिल ईस्ट में तनाव बहुत ज्यादा बढ़ गया है और आम लोगों की चिंताएं बढ़ गई हैं।

आम लोगों और Flights पर क्या असर पड़ा?

तेहरान में शाहरान और शहर-ए ऑयल डिपो पर भी बमबारी हुई जिसके कारण पूरे इलाके में काली बारिश (Black rain) देखने को मिली। ईरान के स्वास्थ्य मंत्रालय और WHO ने लोगों से अपील की है कि वे घरों के अंदर ही रहें। हवा में जहरीले केमिकल फैल गए हैं जिससे लोगों की त्वचा और फेफड़ों को भारी नुकसान पहुंचने का खतरा है।

सुरक्षा कारणों से Mehrabad International Airport पर सभी कमर्शियल Flights को पूरी तरह सस्पेंड कर दिया गया है। एयरपोर्ट के कुछ हिस्सों को हमले में भारी नुकसान पहुंचा है। इस तनाव की वजह से Strait of Hormuz के समुद्री रास्तों में भी रुकावट आई है, जिससे एशिया में गैस और ऊर्जा की कीमतें पिछले एक साल में सबसे ज्यादा बढ़ गई हैं।

इस्राइल और अमेरिका का क्या कहना है?

इस्राइल की सेना (IDF) इस कार्रवाई को ‘Operation Roaring Lion’ का हिस्सा बता रही है। इस्राइली अधिकारियों के अनुसार यह एक पहले से तय किया गया हमला था ताकि ईरान को परमाणु हथियार बनाने से रोका जा सके। अमेरिका भी ‘Operation Epic Fury’ के जरिए इस्राइल का साथ दे रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति ने साफ कहा कि जब तक ईरान की न्यूक्लियर क्षमता कम नहीं होती, तब तक यह सैन्य ऑपरेशन जारी रहेगा।

इंटरनेशनल एटॉमिक एनर्जी एजेंसी (IAEA) ने सभी देशों से शांति बनाए रखने की अपील की है। फिलहाल एजेंसी तेहरान और इस्फहान की लैब पर हुए इस ताजा हमले की जांच कर रही है। जिन प्रमुख जगहों को निशाना बनाया गया, उनमें Minzadehei की एक गुप्त अंडरग्राउंड साइट और Lavisan 2 कॉम्प्लेक्स शामिल हैं।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.