इजराइली सेना ने 31 मार्च 2026 को ईरान की राजधानी तेहरान में बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। सेना ने जानकारी दी है कि उन्होंने ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड (IRGC) के वायु सेना मुख्यालय पर हमला किया है। तेहरान में कई जगहों पर धमाकों की खबरें मिली हैं और इजराइल ने इसे ईरान के सैन्य ढांचे को तोड़ने की अपनी रणनीति का हिस्सा बताया है।
इजराइली हमले में किन ठिकानों को पहुँचा नुकसान
इजराइली सेना के मुताबिक यह हमला तेहरान में मौजूद रिवोल्यूशनरी गार्ड के मुख्य ठिकानों को ध्यान में रखकर किया गया था। इस हमले के दौरान वायु सेना के मुख्यालय और सैन्य बुनियादी ढांचे को निशाना बनाया गया है। इजराइल की ओर से आई जानकारी में बताया गया है कि वह ईरान के खतरनाक हथियारों के नेटवर्क को नष्ट करने के लिए लगातार हमले कर रहा है। इससे पहले भी तेहरान और इस्फ़हान में मिसाइल बनाने वाले केंद्रों और केमिकल फैक्ट्रियों पर बमबारी की गई थी ताकि ईरान की सैन्य ताकत को कम किया जा सके।
दोनों देशों के बीच जारी है हमलों का दौर
ईरान और इजराइल के बीच तनाव अब काफी बढ़ गया है। हाल ही में ईरान ने भी जवाबी कार्रवाई करते हुए इजराइली और अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर बैलिस्टिक मिसाइलें और ड्रोन दागे थे। इस युद्ध जैसी स्थिति का सीधा असर खाड़ी देशों के व्यापार और यात्रा पर पड़ रहा है। नीचे दी गई टेबल में हालिया सैन्य गतिविधियों की जानकारी दी गई है।
| तारीख | प्रमुख घटना |
|---|---|
| 31 मार्च 2026 | इजराइल का तेहरान में IRGC मुख्यालय पर हमला |
| 27 मार्च 2026 | ईरान का इजराइली और अमेरिकी ठिकानों पर हमला |
| 3 मार्च 2026 | तेहरान और इस्फ़हान में मिसाइल केंद्रों पर इजराइली हमला |
इजराइली सेना के अनुसार तेहरान में हमलों की यह नई लहर ईरान के उस ढांचे को खत्म करने के लिए है जिसे वे खतरा मानते हैं। इन हमलों में मिसाइल के पुर्जे बनाने वाली फैक्ट्रियों और ईंधन केंद्रों को भी काफी नुकसान पहुँचाया गया है।
