इसराइल ने धार्मिक स्थलों पर किया हमला, पश्चिमी देशों की चुप्पी पर सोशल मीडिया पर मचा बवाल
सोशल मीडिया पर इस समय इसराइल द्वारा धार्मिक स्थलों और प्रतीकों पर किए गए हमलों को लेकर काफी गुस्सा है। लोग इस बात से नाराज हैं कि पश्चिमी देश इन घटनाओं पर चुप बैठे हैं। हाल ही में इसराइली सैनिकों और बस्तियों में रहने वाले लोगों द्वारा कई ऐसी हरकतें की गई हैं जिससे तनाव बढ़ गया है।
धार्मिक स्थलों पर हमलों की मुख्य घटनाएं क्या हैं?
हाल ही में लेबनान में एक इसराइली सैनिक ने ईसा मसीह की मूर्ति को तोड़ते हुए एक फोटो में नजर आया, जिससे लोगों में भारी गुस्सा था। इसके अलावा, 17 अप्रैल को वेस्ट बैंक में इसराइली बस्तियों के लोगों ने खेती के कमरों में आग लगा दी और एक फिलिस्तीनी नागरिक को बुरी तरह पीटा। वहां से दो गाड़ियां भी जब्त की गईं। Rossing Center की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि ईसाइयों के खिलाफ हिंसा और डराने-धमकाने का काम बढ़ गया है।
दुनिया और बड़े संगठनों की इस पर क्या प्रतिक्रिया रही?
अमेरिका की तरफ से पवित्र ईसाई स्थलों पर पाबंदियों पर चिंता जताई गई, लेकिन अल-अक्सा मस्जिद के बंद होने पर कोई सार्वजनिक बयान नहीं आया। वहीं, OIC और Arab League जैसे संगठनों ने इसराइली मंत्री Itamar Ben-Gvir की हरकतों की निंदा की। फिलिस्तीन ने UN को पत्र भेजकर पवित्र स्थलों की स्थिति बदलने पर चेतावनी दी। चर्च के बड़े नेताओं ने भी इसराइल के फैसलों को गलत बताया है।
| संस्था/व्यक्ति | बयान या कार्रवाई |
|---|---|
| Al Jazeera English | पश्चिमी देशों की चुप्पी पर सोशल मीडिया के गुस्से की रिपोर्ट दी |
| अमेरिका (White House) | ईसाई स्थलों पर चिंता जताई, अल-अक्सा पर चुप रहा |
| OIC और LAS | अल-अक्सा मस्जिद के बंद होने की कड़ी निंदा की |
| फिलिस्तीन सरकार | UN को पत्र भेजकर खतरनाक स्थिति की चेतावनी दी |
| Rossing Center | ईसाइयों के खिलाफ बढ़ते हमलों की रिपोर्ट जारी की |
| Latin Patriarch | चर्च ऑफ द होली सेपुलचर में प्रवेश रोकने को गलत बताया |
| UN | इसराइली बस्तियों को अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत अवैध बताया |