लेबनान के दक्षिणी हिस्सों में इसराइल ने एक बार फिर भीषण हमले किए हैं। 16 अप्रैल 2026 को हुए इन हमलों से वहां हालात बहुत खराब हो गए हैं। इस युद्ध में अब तक हजारों लोग अपनी जान गंवा चुके हैं और लाखों लोग बेघर हो गए हैं। पूरी दुनिया अब इस हिंसा को रोकने की मांग कर रही है।

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हमले में कितना नुकसान हुआ और क्या है ताज़ा स्थिति?

15 और 16 अप्रैल को हुए हमलों में Jbaa, Qadmous और Tyre जैसे शहर बुरी तरह प्रभावित हुए। इसराइल ने दावा किया है कि उसने 24 घंटे के भीतर 200 से ज्यादा Hezbollah ठिकानों को निशाना बनाया। वहीं, लेबनान के हेल्थ मिनिस्ट्री के मुताबिक 2 मार्च से अब तक 2,167 लोग मारे जा चुके हैं और 91 मेडिकल वर्कर्स की जान गई है।

15 अप्रैल को Mayfadoun के पास रेस्क्यू टीम पर हमला हुआ जिसमें चार रेस्क्यू वर्कर्स मारे गए और छह घायल हो गए। Hezbollah ने इन हमलों के जवाब में इसराइल के सैनिकों और बस्तियों पर ड्रोन और रॉकेट से हमले किए। दोनों देशों के बीच वॉशिंगटन में बातचीत होने के बावजूद यह हिंसा नहीं रुकी।

दुनिया के बड़े देशों और UN ने क्या कहा?

UN के Secretary-General Antonio Guterres और Human Rights Chief Volker Türk ने इस हमले की कड़ी निंदा की है। उन्होंने इसे अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन और अंधाधुंध बमबारी बताया। जापान के विदेश मंत्री ने भी लेबनान की संप्रभुता का सम्मान करने और UN के नियमों को मानने की अपील की।

वहीं, अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने पहले ही इसराइल से हमलों को कम करने को कहा था। पाकिस्तान ने इस मामले में मध्यस्थता करते हुए कहा कि ईरान के साथ हुआ सीजफायर समझौता लेबनान पर भी लागू होता है, लेकिन इसराइल ने इस बात से इनकार किया है।

युद्ध का अब तक का असर

विवरण जानकारी
कुल मौतें (लेबनान) 2,167
मारे गए मेडिकल वर्कर्स 91
विस्थापित लोग 10 लाख से ज्यादा
इसराइल द्वारा नष्ट किए गए टारगेट 200 से अधिक
UN की मदद की अपील 308 मिलियन डॉलर
14-15 अप्रैल की मौतें 16 लोग
मारे गए रेस्क्यू वर्कर्स (15 अप्रैल) 4 लोग