लेबनान के दक्षिणी हिस्से में इसराइल के हमलों ने एक बार फिर तबाही मचाई है। सीजफायर लागू होने के बावजूद हुए इन हमलों में 13 लोगों की जान चली गई, जिनमें छोटे बच्चे और महिलाएं भी शामिल हैं। इस घटना के बाद से पूरे इलाके में डर का माहौल है और आम नागरिकों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।
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हब्बूश और जरारियेह में हुए हमलों का विवरण
लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय से मिली जानकारी के मुताबिक, हब्बूश इलाके में हुए हमले में 8 लोगों की मौत हुई है। मरने वालों में एक बच्चा और दो महिलाएं शामिल हैं, जबकि 21 लोग घायल हुए हैं। इसी तरह जरारियेह में हुए हमले में 4 लोगों की जान गई, जिनमें दो महिलाएं थीं और 4 अन्य लोग घायल हुए। बताया गया कि इन हमलों से पहले इसराइली सेना ने कुछ इलाकों से लोगों को निकलने का आदेश दिया था।
सीजफायर के बीच जारी हिंसा और जवाबी कार्रवाई
हैरानी की बात यह है कि 17 अप्रैल से इसराइल और लेबनान के बीच युद्धविराम लागू था। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के अनुसार इस युद्धविराम को तीन सप्ताह के लिए आगे बढ़ाया गया था, लेकिन फिर भी दोनों तरफ से हमले नहीं रुके। 1 मई 2026 को हुए हमलों में कम से कम 10 लोग मारे गए थे। इसके जवाब में हिजबुल्लाह ने उत्तरी इसराइल पर रॉकेट और ड्रोन दागे, जिससे दो इसराइली सैनिक घायल हो गए। 2 मई को भी इसी तरह के हमलों में चार लोग मारे गए थे।
शांतिदूत की मौत और प्रभावित क्षेत्र
हिंसा का असर सिर्फ नागरिकों तक सीमित नहीं रहा। संयुक्त राष्ट्र अंतरिम बल लेबनान (UNIFIL) ने बताया कि 29 मार्च को एक इंडोनेशियाई शांतिदूत की मौत हो गई। शुरुआती जांच में पता चला कि उसकी मौत इसराइली टैंक के गोले से हुई थी। इन हमलों से दक्षिणी लेबनान के कई इलाके प्रभावित हुए हैं, जिनमें मुख्य रूप से हब्बूश, जरारियेह, नबातियेह, कफर रुम्मान, वाडी अल-हुजैर, टौलाइन, श्रीफा, याटर और बिन्त ज्बील शामिल हैं।
Frequently Asked Questions (FAQs)
लेबनान में इसराइल के हालिया हमलों में कितने लोग मारे गए?
लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार हालिया हमलों में 13 लोगों की मौत हुई है, जिसमें हब्बूश में 8 और जरारियेह में 4 लोग मारे गए।
क्या लेबनान और इसराइल के बीच युद्धविराम लागू था?
हां, 17 अप्रैल से दोनों पक्षों के बीच युद्धविराम लागू था और इसे तीन हफ्ते के लिए बढ़ाया गया था, लेकिन इसके बावजूद हमले जारी रहे।