लेबनान के दक्षिणी हिस्सों में एक बार फिर तनाव बढ़ गया है। इसराइल ने यहाँ कम से कम आठ अलग-अलग जगहों पर हमले किए हैं। इन हमलों में आम नागरिकों समेत आठ लोगों की जान चली गई है। हालात इतने बिगड़ गए हैं कि लोगों को अपने घर छोड़कर भागना पड़ा है।

इसराइल और हिजबुल्लाह के बीच क्या हुआ

4 मई 2026 को इसराइल ने दक्षिणी लेबनान के आठ ठिकानों पर हमले किए। इसराइल की सेना (IDF) के प्रवक्ता कर्नल अविचाई अद्रई ने कना, देबाल, काकाएत अल-जिस्र और स्रीफा गाँवों के लोगों को तुरंत इलाका खाली करने की चेतावनी दी थी। IDF ने कहा कि ये कार्रवाई हिजबुल्लाह के खिलाफ है क्योंकि उन्होंने सीज़फायर का उल्लंघन किया है।

  • हिजबुल्लाह ने दावा किया कि उसने भी जवाबी कार्रवाई में ड्रोन और गोले दागे और इसराइली सेना के खिलाफ 11 ऑपरेशन किए।
  • उत्तरी इसराइल में सायरन बजने के बाद सेना ने हवा में कई लक्ष्यों को नष्ट किया।
  • अमेरिका द्वारा 17 अप्रैल को कराई गई सीज़फायर की कोशिश अब खतरे में दिख रही है क्योंकि दोनों पक्ष एक-दूसरे पर उल्लंघन का आरोप लगा रहे हैं।

लेबनान और दुनिया का इस पर क्या कहना है

लेबनान की सरकार ने इसराइल के हमलों और हिजबुल्लाह की जवाबी कार्रवाई दोनों की निंदा की है। लेबनानी स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि 2 मार्च 2026 से अब तक इसराइली हमलों में कम से कम 2,700 लोग मारे जा चुके हैं और 16 लाख से ज़्यादा लोग बेघर हो गए हैं।

दूसरी तरफ, ईरान ने शांति के लिए 14 सूत्रीय प्रस्ताव रखा था, लेकिन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने इसे स्वीकार करने से मना कर दिया। ईरान ने यह चेतावनी भी दी है कि अगर अमेरिका ने होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों को सुरक्षा देने की कोशिश की, तो इसे सीज़फायर का उल्लंघन माना जाएगा। अंतरराष्ट्रीय बार एसोसिएशन के मानवाधिकार संस्थान (IBAHRI) ने भी इसराइल द्वारा पत्रकारों और मेडिकल सेवाओं को निशाना बनाने पर चिंता जताई है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

इसराइल ने लेबनान के किन इलाकों को खाली करने का आदेश दिया

IDF ने कना, देबाल, काकाएत अल-जिस्र और स्रीफा गाँवों के निवासियों को सैन्य कार्रवाई से पहले तुरंत इलाका खाली करने की चेतावनी दी थी।

लेबनान में अब तक कितना जान-माल का नुकसान हुआ है

लेबनानी स्वास्थ्य मंत्रालय के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार 2 मार्च 2026 से अब तक 2,700 लोग मारे गए हैं और 16 लाख से ज़्यादा लोग विस्थापित हुए हैं।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.