इसराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने स्पेन पर इसराइल के खिलाफ राजनयिक युद्ध छेड़ने का आरोप लगाया है. इस वजह से उन्होंने स्पेन को गाज़ा में युद्धविराम की निगरानी करने वाले एक खास सेंटर से बाहर कर दिया है. इस फैसले के बाद दोनों देशों के बीच तनाव और ज्यादा बढ़ गया है.

स्पेन को सेंटर से क्यों हटाया गया?

PM नेतन्याहू ने कहा कि स्पेन बार-बार इसराइल के खिलाफ खड़ा हो रहा है और वहां के सैनिकों की छवि खराब कर रहा है. उन्होंने चेतावनी दी कि जो देश इसराइल के खिलाफ डिप्लोमेटिक वॉर लड़ेंगे, उन्हें इसकी तुरंत कीमत चुकानी होगी. इसराइल के विदेश मंत्री गिदोन सार ने भी कहा कि स्पेन का झुकाव इसराइल के खिलाफ है, इसलिए वह शांति योजना को लागू करने में कोई मदद नहीं कर सकता.

स्पेन की सरकार का इस पर क्या कहना है?

स्पेन के प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेज ने इसराइल की सैन्य कार्रवाई और लेबनान में हुए हमलों की कड़ी आलोचना की थी. उन्होंने अंतरराष्ट्रीय कानूनों के उल्लंघन का आरोप लगाते हुए तुरंत युद्धविराम की मांग की थी. स्पेन के विदेश मंत्री जोस मैनुअल अल्बारेस ने इसराइल द्वारा उन्हें सेंटर से निकालने के फैसले की निंदा की है और इसे गलत बताया है.

क्या है यह कोऑर्डिनेशन सेंटर और इसमें कौन शामिल है?

Civil-Military Coordination Center (CMCC) अमेरिका के नेतृत्व में बनाया गया एक सेंटर है, जो किरियात गत में स्थित है. इसका मुख्य काम गाज़ा में युद्धविराम के इंतजाम देखना, सुरक्षा का तालमेल बिठाना और मानवीय मदद पहुँचाना है. इस सेंटर में शामिल देशों की लिस्ट नीचे दी गई है:

  • संयुक्त राज्य अमेरिका (लीडर)
  • फ्रांस
  • यूनाइटेड किंगडम
  • संयुक्त अरब अमीरात (UAE)
Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com