लेबनान की राजधानी बेरूत में हालात काफी चिंताजनक हो गए हैं क्योंकि इसराइली सेना ने दक्षिणी उपनगरों के सात मोहल्लों को तुरंत खाली करने का अल्टीमेटम दिया है। सोमवार, 6 अप्रैल 2026 को जारी इस आदेश के बाद लोगों में अफरातफरी का माहौल है क्योंकि इसके तुरंत बाद बड़े हवाई हमलों की आशंका जताई गई है। पिछले 24 घंटों के भीतर हुए अलग-अलग हमलों में लेबनान में कम से कम 15 लोगों की मौत हो गई है जिसमें आम नागरिक और सैनिक शामिल हैं।
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इसराइली सैन्य कार्रवाई और हमलों की ताजा स्थिति क्या है?
इसराइली सेना के प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल Eyal Zamir ने दक्षिणी लेबनान में सैनिकों से मुलाकात के बाद साफ किया है कि हिजबुल्लाह के खिलाफ हमले और ज्यादा तेज किए जाएंगे। सेना का मुख्य उद्देश्य हिजबुल्लाह को पूरी तरह निहत्था करना और उनके ठिकानों को खत्म करना है।
- बेरूत में मौतें: बेरूत के Jnah इलाके में हुए हमले में 5 लोगों की जान गई है और दक्षिण लेबनान के Kfarhata गांव में 7 लोग मारे गए हैं।
- सीमा पर सख्ती: इसराइल ने सीरिया से लगने वाले Masnaa बॉर्डर क्रॉसिंग को भी खाली करने की चेतावनी दी है क्योंकि उन्हें वहां से हथियारों की तस्करी का शक है।
- सुरक्षा घेरा: इसराइली सेना लेबनान के अंदर करीब 30 किलोमीटर तक एक सुरक्षा जोन बनाना चाहती है।
- सैनिक का निधन: दक्षिणी लेबनान में हुए एक हमले में लेबनान की अपनी सेना का एक जवान भी मारा गया है।
आम जनता और विस्थापितों पर क्या असर पड़ा है?
लेबनान में जारी इस सैन्य अभियान की वजह से अब तक 10 लाख से ज्यादा लोग अपना घर छोड़ने को मजबूर हो चुके हैं। संयुक्त राष्ट्र के मानवाधिकार कार्यालय ने इस तरह के बड़े पैमाने पर विस्थापन के आदेशों पर कानूनी सवाल उठाए हैं। लेबनान के प्रधानमंत्री Nawaf Salam ने हिजबुल्लाह की गतिविधियों को अवैध बताते हुए सुरक्षा बलों को हमले रोकने के निर्देश दिए हैं ताकि देश को और तबाही से बचाया जा सके।
| प्रमुख जानकारी | विवरण |
|---|---|
| प्रमुख तारीख | 6 अप्रैल 2026 |
| निशाने पर इलाके | बेरूत के 7 दक्षिणी मोहल्ले |
| कुल जनहानि | कम से कम 15 मौतें |
| कुल विस्थापित | 10 लाख से अधिक लोग |
| बॉर्डर अपडेट | Masnaa क्रॉसिंग को खाली कराया गया |
| सैन्य लक्ष्य | हिजबुल्लाह का निशस्त्रीकरण |
