इज़राइल और लेबनान के बीच चल रहा संघर्ष और भी गंभीर होता जा रहा है। 1 अप्रैल 2026 को लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने जानकारी दी कि बेरूत के दक्षिणी इलाकों और उसके पास हुए इज़राइली हमलों में 7 लोगों की मौत हो गई है। यह हमला ऐसे समय में हुआ है जब इज़राइल लगातार हिजबुल्लाह (Hezbollah) के ठिकानों को निशाना बनाने का दावा कर रहा है। हमलों की वजह से बड़ी संख्या में लोग घायल भी हुए हैं और रिहायशी इलाकों में डर का माहौल है।

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बेरूत के किन इलाकों में हुआ हमला और कितना हुआ नुकसान?

लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक दक्षिण बेरूत के जनह (Jnah) इलाके में 5 लोगों की मौत हुई और 21 लोग घायल हुए। इसके अलावा खालदेह (Khaldeh) क्षेत्र में 2 लोगों की जान गई और 3 लोग जख्मी हुए। हमले की चपेट में रिहायशी इमारतें भी आई हैं। इससे पहले 31 मार्च को भी टायर (Tyre) और सिदोन (Sidon) जैसे इलाकों में हमले हुए थे जिसमें 8 लोग मारे गए थे। इज़राइली सेना का कहना है कि वे हिजबुल्लाह के कमांडरों और उनके ठिकानों को निशाना बना रहे हैं।

लेबनान में अब तक की स्थिति और हताहतों का आंकड़ा

2 मार्च 2026 से शुरू हुए इन हमलों के बाद से लेबनान में मानवीय संकट गहरा गया है। स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार नुकसान की जानकारी नीचे दी गई है:

  • कुल मौतें: 1,268 (इसमें 125 बच्चे और 88 महिलाएं शामिल हैं)
  • कुल घायल: 3,750 (423 बच्चे और 473 महिलाएं)
  • विस्थापित लोग: 10 लाख से अधिक लोग अपने घरों से दूर जा चुके हैं
  • शांति रक्षक: हमलों में तीन इंडोनेशियाई यूएन (UN) शांति रक्षकों की भी मौत हुई है

अंतर्राष्ट्रीय प्रतिक्रिया और इज़राइल की नई योजना

इज़राइल के रक्षा मंत्री का कहना है कि वे दक्षिण लेबनान में लिटानी नदी तक एक सुरक्षा क्षेत्र बनाना चाहते हैं और वहां विस्थापित हुए लोगों को तब तक वापस नहीं आने देंगे जब तक उत्तरी इज़राइल सुरक्षित न हो जाए। लेबनान के रक्षा मंत्री मिशेल मेनासा ने इस योजना को लेबनान की संप्रभुता का उल्लंघन बताया है। वहीं संयुक्त राष्ट्र के महासचिव गुटेरेस ने शांति रक्षकों पर हुए हमलों की निंदा की है और इसे अंतर्राष्ट्रीय कानून का उल्लंघन माना है। मानवाधिकार संगठनों ने भी बढ़ते विनाश पर चिंता जताई है।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.