इसराइल में एक बड़ा राजनीतिक कदम उठाया गया है। वहां की संसद (Knesset) की डिप्टी स्पीकर Limor Son Har-Melech ने एक नया बिल पेश किया है। इस बिल का मुख्य मकसद ओस्लो समझौते (Oslo Accords) को पूरी तरह खत्म करना है। इस प्रस्ताव पर आज यानी 10 मई 2026 को Ministerial Committee for Legislation द्वारा समीक्षा की जाएगी।

ओस्लो समझौता खत्म करने के पीछे क्या वजह है?

बिल लाने वाली Limor Son Har-Melech, जो Otzma Yehudit गुट की सदस्य हैं, ने इस कदम को बहुत जरूरी बताया है। उनके मुताबिक यह बिल फिलिस्तीन राज्य की स्थापना को रोकने की दिशा में पहला कदम है। उन्होंने कहा कि ओस्लो समझौते से शांति नहीं बल्कि आतंकवाद आया। उनका दावा है कि पिछले 30 सालों में इस समझौते की वजह से केवल खून-खराबा और हमले हुए हैं। बिल के विवरण में यह भी कहा गया है कि इसी समझौते ने वह बुनियादी ढांचा तैयार किया जिससे 7 अक्टूबर के हमले हुए।

इस नए बिल में क्या-क्या प्रावधान शामिल हैं?

  • समझौतों को रद्द करना: इस बिल का लक्ष्य इसराइल और PLO या फिलिस्तीनी प्राधिकरण (PA) के बीच हुए सभी समझौतों को खत्म करना है।
  • मुख्य लक्ष्य: इसमें ओस्लो समझौते, हेब्रोन प्रोटोकॉल और वाये रिवर मेमोरेंडम को विशेष रूप से शामिल किया गया है।
  • कानूनी बदलाव: यह बिल उन सभी पुराने कानूनों को भी हटाएगा जो इन समझौतों को लागू करने के लिए बनाए गए थे।
  • सुरक्षा स्थिति: इसका मकसद कानूनी और सुरक्षा स्थिति को वैसा ही बनाना है जैसा 1993 के व्हाइट हाउस समझौते से पहले था।
  • बस्तियों का विस्तार: सोशल मीडिया पर Har-Melech ने लिखा कि अब Area A और B में बस्तियों को बढ़ावा देने का समय आ गया है।

क्या इस बिल को सरकार का समर्थन मिल रहा है?

इस प्रस्ताव को इसराइल के राष्ट्रीय सुरक्षा मंत्री Itamar Ben Gvir का पूरा समर्थन मिला है। वह भी Otzma Yehudit गुट से ताल्लुक रखते हैं। उन्होंने ओस्लो समझौते को एक राष्ट्रीय आपदा बताया है। Ben Gvir का कहना है कि ओस्लो समझौता अब खत्म हो चुका है और इसराइल को इन खतरनाक समझौतों से खुद को आजाद करना चाहिए।

Frequently Asked Questions (FAQs)

Limor Son Har-Melech कौन हैं और उन्होंने क्या किया है

Limor Son Har-Melech इसराइल की संसद (Knesset) की डिप्टी स्पीकर हैं। उन्होंने ओस्लो समझौते को खत्म करने के लिए एक बिल पेश किया है ताकि फिलिस्तीन राज्य न बन सके।

इस बिल से किन समझौतों पर असर पड़ेगा

इस बिल से ओस्लो समझौते, हेब्रोन प्रोटोकॉल और वाये रिवर मेमोरेंडम जैसे समझौतों को पूरी तरह रद्द करने का प्रावधान है।