दक्षिण लेबनान में चल रहे संघर्ष के बीच एक बड़ी खबर सामने आई है। 8 अप्रैल 2026 को इसराइली सेना ने एक एम्बुलेंस को बम से उड़ा दिया है। इस घटना के बाद लेबनान और अंतरराष्ट्रीय संगठनों ने इसराइल पर गंभीर आरोप लगाए हैं। स्वास्थ्य सेवाओं पर हो रहे ये हमले रुकने का नाम नहीं ले रहे हैं जिससे युद्ध प्रभावित इलाकों में आम लोगों की मदद करना बहुत मुश्किल हो गया है।

मेडिकल टीमों पर हमलों को लेकर क्या हैं आधिकारिक आंकड़े?

लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने जानकारी दी है कि इस संघर्ष में अब तक कम से कम 57 स्वास्थ्य कर्मी अपनी जान गंवा चुके हैं। हाल ही में नबातियेह में एक रेस्क्यू मिशन के दौरान 22 साल के अली जाबेर और 16 साल के जूद सुलेमान की भी मौत हो गई थी। उनकी मोटरसाइकिल पर एम्बुलेंस के निशान और लाइटें लगी थीं, फिर भी उन्हें निशाना बनाया गया। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने भी मार्च से अब तक स्वास्थ्य सेवाओं पर 28 से ज्यादा हमलों की पुष्टि की है।

इसराइली सेना के दावे और अंतरराष्ट्रीय संगठनों की जांच

इसराइली सेना लगातार यह आरोप लगाती रही है कि हिजबुल्लाह एम्बुलेंस का उपयोग अपने सैन्य कामों के लिए करता है। हालांकि, लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने इन आरोपों को गलत बताया है और कहा है कि यह सिर्फ हमलों को सही ठहराने का एक बहाना है। एमनेस्टी इंटरनेशनल और ह्यूमन राइट्स वॉच जैसी संस्थाओं ने अपनी जांच में पाया कि कई बार बिना किसी सैन्य गतिविधि के भी मेडिकल टीमों को निशाना बनाया गया है। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने भी युद्ध क्षेत्र में मेडिकल मिशन की सुरक्षा को लेकर अपनी चिंता जताई है।

तारीख घटना का विवरण
8 अप्रैल 2026 दक्षिण लेबनान में एम्बुलेंस पर बमबारी
7 अप्रैल 2026 स्वास्थ्य मंत्रालय ने 57 कर्मियों की मौत की पुष्टि की
5 अप्रैल 2026 बेरूत के अस्पताल के पास हमला, 14 की मौत
2 मार्च 2026 लेबनान में व्यापक संघर्ष की शुरुआत
Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.