इसराइल ने एक बार फिर लेबनान में हमला कर तनाव बढ़ा दिया है। 17 अप्रैल को लागू हुए ceasefire के बाद पहली बार इसराइल ने बेरूत के दक्षिणी इलाकों में बमबारी की है। इस हमले में एक घनी आबादी वाले इलाके की बहुमंजिला इमारत को निशाना बनाया गया, जिससे वहां काफी तबाही हुई है।

इसराइल ने बेरूत में किसे निशाना बनाया?

इसराइल के प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu और रक्षा मंत्री Israel Katz ने एक संयुक्त बयान जारी किया है। उन्होंने बताया कि इस हमले का मकसद हिजबुल्लाह की elite Radwan Force के कमांडर Malki Blout (Malek Ballout) को खत्म करना था। इसराइली सुरक्षा अधिकारियों का मानना है कि Blout इस हमले में मारा गया है। अधिकारियों ने कहा कि इस ऑपरेशन में अमेरिका के साथ तालमेल बिठाया गया था।

हमले में कितने लोग मारे गए और क्या नुकसान हुआ?

लेबनानी मीडिया और Lebanese National News Agency (NNA) के मुताबिक, बुधवार को इसराइली हमलों और गोलाबारी में कम से कम 17 लोग मारे गए और दर्जनों लोग घायल हुए। इन हमलों में दक्षिणी और पूर्वी लेबनान के इलाके शामिल थे, जहां एक गांव के मेयर और उनके परिवार के सदस्य भी मारे गए। बेरूत के Haret Hreik इलाके में एक बड़ी इमारत को भारी नुकसान पहुंचा है। लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने Zelaya में एक हमले में चार लोगों के मारे जाने की खबर दी है, जिनमें दो महिलाएं और एक बुजुर्ग शामिल थे।

क्या ceasefire अब खत्म हो गया है?

अमेरिका की मदद से 17 अप्रैल को एक ceasefire हुआ था, जिसे बाद में कुछ और हफ्तों के लिए बढ़ाया गया था। इस समझौते के तहत इसराइल को आत्मरक्षा में कार्रवाई करने का हक था, जबकि लेबनान को हिजबुल्लाह जैसी संस्थाओं को हमले रोकने के लिए कहना था। दूसरी तरफ, हिजबुल्लाह ने इसराइल पर ड्रोन हमले किए और कहा कि यह इसराइल द्वारा ceasefire के उल्लंघन का जवाब है। इसराइल ने लिटानी नदी के उत्तर में बसे कुछ गांवों को खाली करने का आदेश भी दिया है, जिसे एक बड़े सैन्य अभियान के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

इसराइल ने बेरूत में हमला क्यों किया?

इसराइल का दावा है कि उन्होंने हिजबुल्लाह की Radwan Force के कमांडर Malki Blout को मारने के लिए यह हमला किया, क्योंकि वह इसराइली सैनिकों और बस्तियों पर हमलों के लिए जिम्मेदार थे।

लेबनान में इस हमले के बाद क्या स्थिति है?

लेबनानी समाचार एजेंसी (NNA) के अनुसार कम से कम 17 लोग मारे गए हैं और हिजबुल्लाह ने जवाब में इसराइल पर ड्रोन हमले किए हैं, जिससे तनाव काफी बढ़ गया है।