लेबनान में इसराइल की भीषण बमबारी, एक दिन में 254 लोगों की मौत, कुवैत ने भी मार गिराए 28 ड्रोन.
दक्षिणी लेबनान के हरौफ़ (Harouf) इलाके में इसराइल की ओर से ज़बरदस्त बमबारी की गई है। 9 अप्रैल 2026 को हुए इन हमलों के बाद लेबनान में मातम का माहौल है और सरकार ने एक दिन के राजकीय शोक की घोषणा की है। रिपोर्ट के अनुसार पिछले 24 घंटों में इसराइली हमलों की वजह से कम से कम 254 लोगों की मौत हुई है और 1,165 से ज़्यादा लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। इसके साथ ही खाड़ी क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है क्योंकि कुवैत ने भी अपनी सीमा में घुस रहे दर्जनों ड्रोन्स को मार गिराया है।
लेबनान में क्या हुआ और कितने लोग प्रभावित हुए?
लेबनान में हालात अब बेकाबू होते जा रहे हैं और आम जनता पर इसका सबसे बुरा असर पड़ रहा है। संयुक्त राष्ट्र के मानवाधिकार प्रमुख वोल्कर तुर्क ने लेबनान पर हो रहे हमलों को खौफनाक बताया है। इसराइल लगातार हिजबुल्लाह के ठिकानों को निशाना बनाने की बात कह रहा है लेकिन ज़मीनी हकीकत में आम नागरिकों के घर और बुनियादी ढांचे तबाह हो रहे हैं।
- दक्षिणी लेबनान के हरौफ़ समेत कई कस्बों में मिसाइलें गिरी हैं।
- अब तक लेबनान की 20 प्रतिशत आबादी यानी करीब 12 लाख लोग विस्थापित हो चुके हैं।
- अल जज़ीरा के पत्रकार मोहम्मद विशाह की भी एक ड्रोन हमले में मौत की खबर आई है।
- अस्पतालों में भारी भीड़ है और दवाइयों की कमी महसूस की जा रही है।
क्षेत्रीय तनाव और कुवैत पर क्या असर हुआ?
इस युद्ध की आग अब दूसरे देशों तक भी पहुँचने लगी है। कुवैत के रक्षा मंत्रालय ने आधिकारिक बयान जारी कर बताया कि उन्होंने अपने देश के दक्षिण हिस्से में महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचों को निशाना बनाने आ रहे 28 ईरानी ड्रोन्स को इंटरसेप्ट कर हवा में ही नष्ट कर दिया है। इस बीच अंतरराष्ट्रीय स्तर पर युद्धविराम की कोशिशें भी चल रही हैं लेकिन लेबनान को फिलहाल किसी राहत के दायरे में नहीं रखा गया है।
| प्रमुख जानकारी | विवरण (9 अप्रैल 2026) |
|---|---|
| कुल मौतें | एक दिन में 254 नागरिक मारे गए |
| घायलों की संख्या | 1,165 से अधिक लोग ज़ख्मी हुए |
| कुवैत की स्थिति | 28 ईरानी ड्रोन्स मार गिराए गए |
| विस्थापन | 12 लाख से ज़्यादा लोग बेघर हुए |
| युद्धविराम अपडेट | लेबनान को अमेरिका-ईरान समझौते से बाहर रखा गया |
ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीस ने भी चिंता जताते हुए कहा है कि युद्धविराम का दायरा बढ़ाया जाना चाहिए ताकि लेबनान के आम लोगों की जान बचाई जा सके। वहीं ईरान के विदेश मंत्री ने अमेरिका को चेतावनी दी है कि उसे शांति या युद्ध में से किसी एक को चुनना होगा। हिजबुल्लाह ने भी जवाबी कार्रवाई करते हुए उत्तरी इसराइल पर रॉकेट दागने का दावा किया है जिससे तनाव कम होने के आसार नहीं दिख रहे हैं।





