लेबनान के दक्षिणी शहर नबातियेह (Nabatieh) में इसराइल ने भारी बमबारी की है। इस हमले की वजह से शहर का काफी हिस्सा मलबे में तब्दील हो गया है। मार्च महीने से जारी इस जंग ने आम लोगों की जिंदगी को बेहद मुश्किल बना दिया है और वहां हालात काफी तनावपूर्ण हैं।
नबातियेह और लेबनान में अब तक कितना नुकसान हुआ
लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, 2 मार्च 2026 से शुरू हुए इस युद्ध में अब तक 2,167 लोग मारे जा चुके हैं और 7,061 लोग घायल हुए हैं। नबातियेह में सरकारी मुख्यालय पर हुए हमले में 13 सुरक्षाकर्मी मारे गए, जिसे हिजबुल्लाह ने एक बड़ा नरसंहार बताया है। इसके अलावा मयफादुन गांव में लगातार हुए हमलों में चार बचावकर्मी भी मारे गए। लगातार बमबारी के कारण वहां के लोगों को अपने मृतकों को दफनाने में भी भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।
| विवरण | आंकड़े / जानकारी |
|---|---|
| कुल मौतें (मार्च से अब तक) | 2,167 |
| कुल घायल | 7,061 |
| बेरूत में एक हफ्ते की मौतें | 350 से ज्यादा |
| नबातियेह सुरक्षाकर्मी मौतें | 13 |
| मयफादुन बचावकर्मी मौतें | 4 |
| जंग की शुरुआत | 2 मार्च 2026 |
इसराइल और अमेरिका ने क्या कदम उठाए
इसराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि उनकी सेना दक्षिणी लेबनान में सुरक्षा क्षेत्र को और बढ़ा रही है और बिंत जुबैल (Bint Jbeil) में हिजबुल्लाह को खत्म करने की कोशिश जारी है। उन्होंने यह भी साफ किया कि ईरान के साथ किसी भी युद्धविराम समझौते में लेबनान शामिल नहीं है। वहीं IDF प्रवक्ता अविचाई अद्रई ने ज़हरानी नदी के दक्षिण में रहने वाले लोगों को तुरंत इलाका खाली करने का आदेश दिया है। दूसरी तरफ, अमेरिका ने अपने नागरिकों को लेबनान छोड़ने की सलाह दी है क्योंकि उन्हें डर है कि ईरान और उसके सहयोगी समूह विश्वविद्यालयों को निशाना बना सकते हैं।
