लेबनान में इसराइल ने फिर से हमले शुरू कर दिए हैं जिससे दोनों देशों के बीच हुआ युद्धविराम (truce) टूट गया है। IRNA न्यूज़ एजेंसी के मुताबिक इसराइल ने लेबनान के कई इलाकों में हवाई हमले किए हैं। दक्षिणी लेबनान के लोग अब फिर से हवाई हमलों के डर में हैं और कई जगहों पर भारी तबाही की खबरें आई हैं।

जुलाई की शुरुआत में हुए हमले

ताज़ा जानकारी के मुताबिक 2 जुलाई 2026 को Israel की सेना (IDF) ने लेबनान के Bint Jbeil, Beit Yahoun, Kounine और Baraachit जैसे इलाकों में करीब 10 ठिकानों पर हमले किए। इन हमलों में एक हथियार ले जा रहा ट्रक भी तबाह कर दिया गया। इसराइल का कहना है कि उनके सैनिक जब सुरक्षा क्षेत्र में थे तब उन पर हमला हुआ था, जिसके जवाब में यह कार्रवाई की गई। Bint Jbeil में एक झड़प के दौरान इसराइल का एक रिजर्व सैनिक गंभीर रूप से घायल हो गया था।

लेबनान की सरकारी न्यूज़ एजेंसी NNA ने बताया कि 2 जुलाई की रात को Nabatiyeh Al-Fawqa और Baraachit के पास तीन बड़े हमले हुए। इसके अलावा Hadatha में कई घरों को गिराया गया और Kounine और Tayri के पास बड़े धमाके सुने गए। एक ड्रोन हमला Nabatieh al-Fawqa के Ghandour Hospital के पास भी हुआ।

अधिकारियों के कड़े बयान

5 जुलाई 2026 को Israel के चीफ ऑफ स्टाफ Eyal Zamir ने दक्षिणी लेबनान के Beaufort Castle का दौरा किया। वहां उन्होंने चेतावनी दी कि अगर युद्धविराम का उल्लंघन जारी रहा तो इसराइल एक तेज़ हमला (swift offensive) करेगा। उन्होंने कहा कि इस इलाके में आतंकवादी ढांचा मौजूद है और लेबनानी सेना को Hezbollah लड़ाकों को वहां से हटाना चाहिए।

वहीं, प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu ने उन खबरों को गलत बताया जिनमें कहा गया था कि अमेरिका ने लेबनान में इसराइल के सैन्य ऑपरेशनों पर कोई रोक लगाई है। Netanyahu ने साफ़ कहा कि जब तक Hezbollah पूरी तरह निशस्त्र नहीं हो जाता, इसराइल की सेना दक्षिणी लेबनान में बनी रहेगी।

समझौते और विवाद

बता दें कि 26 जून 2026 को अमेरिका की मदद से एक फ्रेमवर्क समझौता हुआ था। इस समझौते का मकसद इसराइल की सेना की धीरे-धीरे वापसी और गैर-राज्य सशस्त्र समूहों को निशस्त्र करना था। लेकिन Hezbollah ने इस समझौते को “अपमानजनक” बताते हुए इसे मानने से इनकार कर दिया है।

लेबनान सरकार का मानना है कि इसराइल की ये सैन्य कार्रवाइयां युद्धविराम का पूरी तरह उल्लंघन हैं, जिसमें आम लोगों की जान जा रही है और संपत्ति का नुकसान हो रहा है। दूसरी ओर, Israel का कहना है कि उनकी कार्रवाई केवल बचाव के लिए है।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.