इसराइल ने अपनी हवाई ताकत को और ज़्यादा मज़बूत करने के लिए अमेरिका के साथ एक बहुत बड़ी डील की है। रक्षा मंत्रालय ने अरबों डॉलर खर्च करके नए F-35 और F-15IA लड़ाकू विमान खरीदने की अंतिम मंज़ूरी दे दी है। यह फैसला ईरान के साथ हुए पिछले युद्ध के अनुभवों के बाद लिया गया है ताकि क्षेत्र में अपनी बढ़त बनाए रखी जा सके।

इसराइल ने कौन से लड़ाकू विमान खरीदे और सौदा कितना बड़ा है?

इसराइल की रक्षा मंत्रालय और खरीद समिति ने रविवार, 3 मई 2026 को इस सौदे को हरी झंडी दी। इस डील के तहत अमेरिका की बड़ी कंपनियों Lockheed Martin और Boeing से दो नए लड़ाकू स्क्वाड्रन खरीदे जाएंगे। इस खरीदारी के बाद इसराइल की वायुसेना के पास F-35 विमानों की कुल संख्या बढ़कर 100 और F-15IA विमानों की संख्या 50 हो जाएगी। इन नए विमानों की डिलीवरी साल 2026 से शुरू होगी और यह सिलसिला 2030 के दशक के मध्य तक चलेगा।

इन नए विमानों को खरीदने का मुख्य कारण क्या है?

रक्षा मंत्री Israel Katz ने बताया कि यह फैसला ईरान के साथ हुई जंग से मिले सबक के बाद लिया गया है। इसे ‘Shield of Israel’ प्लान का हिस्सा माना जा रहा है जिसका मकसद देश की हवाई ताकत को दुनिया में सबसे आगे रखना है। प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu ने कहा कि वह सेना की क्षमता बढ़ाते रहेंगे और विदेशी कंपनियों पर निर्भरता कम करने के लिए अपने देश में भी नए और आधुनिक हथियार बनाएंगे।

सैन्य तैयारी के लिए कितना पैसा खर्च होगा?

यह सौदा इसराइल की एक बहुत बड़ी सैन्य योजना का हिस्सा है। अगले दस सालों के लिए करीब 350 बिलियन शेकेल (लगभग 95 से 119 बिलियन डॉलर) का बजट तय किया गया है। रक्षा मंत्रालय के डायरेक्टर जनरल मेजर जनरल अमीर बरम ने कहा कि भविष्य की चुनौतियों से निपटने के लिए अभी से तैयारी करना ज़रूरी है ताकि आने वाले दस सालों तक सेना की बढ़त बनी रहे।

Frequently Asked Questions (FAQs)

इसराइल कुल कितने फाइटर जेट खरीदेगा?

इसराइल F-35 और F-15IA के दो नए स्क्वाड्रन खरीदेगा, जिससे कुल संख्या क्रमशः 100 और 50 तक पहुँच जाएगी।

इन विमानों की डिलीवरी कब से शुरू होगी?

विमानों की डिलीवरी साल 2026 से शुरू होकर 2030 के दशक के बीच तक जारी रहेगी।