इसराइल में हिजबुल्लाह के हमले के खतरे को देखते हुए सरकार ने बड़े त्योहारों के आयोजनों को रद्द कर दिया है। प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu के ऑफिस ने इस बड़े फैसले की जानकारी दी है। अगले हफ्ते होने वाली Mount Meron की बड़ी तीर्थयात्रा अब नहीं होगी क्योंकि यह इलाका लेबनान बॉर्डर के बहुत करीब है।

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त्योहार क्यों रद्द किया गया और अब क्या नियम लागू हुए?

इसराइल सरकार ने Lag BaOmer त्योहार के दौरान होने वाली बड़ी तीर्थयात्रा को रोकने का फैसला किया है। यह फैसला हिजबुल्लाह के संभावित हमलों और लेबनान के साथ कमजोर ceasefire की वजह से लिया गया। इस संबंध में मुख्य बातें नीचे दी गई हैं:

  • तीर्थयात्रा पर रोक: Rabbi Shimon bar Yochai की कब्र पर होने वाले बड़े आयोजन की जगह अब एक छोटा और प्रतीकात्मक कार्यक्रम होगा।
  • भीड़ पर पाबंदी: Israeli military के Home Front Command ने उत्तरी सीमा के पास के इलाकों में भीड़ पर रोक लगा दी है। अब किसी भी सार्वजनिक सभा में 1,500 से ज़्यादा लोग इकट्ठा नहीं हो सकेंगे।
  • बॉर्डर की स्थिति: Mount Meron लेबनान सीमा से केवल 6 किलोमीटर दूर है, जिससे यहाँ खतरा ज़्यादा माना गया है।

हिजबुल्लाह और इसराइल के बीच तनाव की ताजा स्थिति क्या है?

दोनों देशों के बीच कागजों पर ceasefire है, लेकिन ज़मीन पर हमले जारी हैं। हाल ही में कई बड़ी घटनाएं सामने आई हैं:

  • ड्रोन हमले: 27 अप्रैल को हिजबुल्लाह ने IDF की एक पोजीशन पर विस्फोटक ड्रोन दागा। पिछले 24 घंटों में हिजबुल्लाह ने कुल 31 हमले किए, जिनमें से 7 सीधे इसराइल की ज़मीन पर हुए।
  • हवाई हमले: इसराइल ने तीन हफ्ते बाद पहली बार लेबनान की Beqaa Valley में एयरस्ट्राइक की है। 26 अप्रैल को इसराइल ने हिजबुल्लाह के कई ठिकानों को बमबारी से नष्ट किया और तीन लड़ाकों को मारा।
  • हथियारों की बरामदगी: IDF ने लेबनान के Aadshit al-Qusayr गाँव में एक बच्चे के कमरे में छिपाकर रखा गया हथियारों का स्टोर खोजा, जिसमें राइफल और मिसाइल लॉन्चर शामिल थे।

नेताओं ने एक दूसरे को क्या चेतावनी दी?

दोनों तरफ के बड़े नेताओं ने कड़े शब्दों का इस्तेमाल किया है। इसराइल के रक्षा मंत्री Israel Katz ने चेतावनी दी कि अगर हिजबुल्लाह अपनी हरकतें बंद नहीं करता, तो पूरे लेबनान में आग लग जाएगी। वहीं, हिजबुल्लाह के चीफ Naim Qassem ने इसराइल के साथ सीधी बातचीत करने के लेबनान के प्लान को एक पाप और अपमानजनक बताया है। लेबनान के राष्ट्रपति Joseph Aoun ने इस बात की आलोचना की और कहा कि बाहरी हितों के लिए देश को युद्ध में झोंकना गद्दारी है।