इसराइल और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है. इसराइल के चीफ ऑफ स्टाफ ने अमेरिका को सलाह दी है कि ईरान के खिलाफ युद्ध को फिर से शुरू करना जरूरी है. इस बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ बातचीत के लिए अपने दूतों का पाकिस्तान दौरा रद्द कर दिया है, जिससे युद्ध की आशंका और बढ़ गई है.

इसराइल और अमेरिका के बीच क्या तैयारी है?

इसराइल के रक्षा मंत्री Yisrael Katz ने बताया कि उनकी सेना अमेरिका से हरी झंडी मिलने का इंतजार कर रही है. जैसे ही वाशिंगटन से मंजूरी मिलेगी, ईरान के खिलाफ बड़े पैमाने पर सैन्य कार्रवाई की जाएगी. इसराइल का मकसद ईरान की सैन्य ताकत को भारी नुकसान पहुंचाना है. चीफ ऑफ स्टाफ Eyal Zamir ने पहले ही स्पष्ट किया था कि मौजूदा शांति सिर्फ एक अस्थायी ठहराव है और उनकी सेना किसी भी समय सीधे टकराव के लिए पूरी तरह तैयार है.

ईरान के अंदर क्या स्थिति है और अमेरिका का क्या रुख है?

ईरान के भीतर IRGC कमांडर Brigadier General Ahmad Vahidi का दबदबा बढ़ा है, जो बातचीत के बजाय सख्त रुख रखने के पक्ष में हैं. वहीं, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने दूतों Steve Witkoff और Jared Kushner की पाकिस्तान यात्रा रद्द कर दी है, जहां ईरान के साथ युद्धविराम पर चर्चा होनी थी. ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi भी बिना किसी अमेरिकी दूत से मुलाकात किए इस्लामाबाद से वापस लौट आए हैं.

ईरान में फ्लाइट्स और युद्ध की मौजूदा स्थिति क्या है?

  • युद्ध की शुरुआत: अमेरिका और इसराइल ने 28 फरवरी 2026 को ईरान के सैन्य ठिकानों और अधिकारियों पर संयुक्त हवाई हमले किए थे, जिससे यह जंग शुरू हुई.
  • फ्लाइट्स की वापसी: युद्ध शुरू होने के दो महीने बाद, 25 अप्रैल 2026 को ईरान ने फिर से कमर्शियल फ्लाइट्स शुरू की हैं.
  • प्रमुख रूट: तेहरान के अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से इस्तांबुल, मस्कट और मदीना के लिए उड़ानें फिर से चालू हो गई हैं.
Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.