इसराइल और लेबनान के बीच चल रही जंग ने अब एक नया मोड़ ले लिया है. इसराइली रक्षा मंत्रालय की तरफ से जारी आंकड़ों में बताया गया है कि 2 मार्च 2026 के बाद से अब तक 1,400 से ज़्यादा Hezbollah लड़ाकों को खत्म कर दिया गया है. इस बीच अमेरिका और Iran के बीच हुए एक समझौते के बाद भी Lebanon में शांति के कोई आसार नहीं दिख रहे हैं क्योंकि Israel ने साफ कर दिया है कि वह हमले नहीं रोकेगा.

इसराइली सैन्य कार्रवाई में अब तक क्या हुआ?

इसराइली सेना और रक्षा मंत्री Israel Katz ने ताज़ा जानकारी साझा की है कि उनकी कार्रवाई का असर हिज़बुल्ला की ताकत पर साफ़ दिख रहा है. सेना का दावा है कि उन्होंने न सिर्फ लड़ाकों को निशाना बनाया बल्कि उनके बुनियादी ढांचे को भी पूरी तरह से ध्वस्त कर दिया है. सैन्य अभियान से जुड़े कुछ मुख्य तथ्य यहाँ दिए गए हैं:

  • 2 मार्च 2026 से अब तक 1,400 से ज़्यादा Hezbollah सदस्य मारे गए हैं.
  • हिज़बुल्ला के लगभग 4,300 से ज़्यादा सैन्य ठिकानों और बुनियादी ढांचों को सेना ने तबाह कर दिया है.
  • अकेले 8 अप्रैल को ‘Operation Eternal Darkness’ के तहत महज़ 10 मिनट में 100 से ज़्यादा ठिकानों पर हमला किया गया.
  • लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, इस जंग में अब तक 1,888 लोग अपनी जान गंवा चुके हैं, जिनमें 163 बच्चे भी शामिल हैं.

सीज़फायर को लेकर क्या है विवाद की स्थिति?

हाल ही में अमेरिका और ईरान के बीच दो हफ़्तों के लिए सीज़फायर यानी युद्ध विराम की घोषणा हुई थी. हालांकि, इसे लेकर अब भ्रम की स्थिति बनी हुई है क्योंकि अलग-अलग पक्ष अपनी-अपनी दलीलें दे रहे हैं. इसराइल ने साफ़ किया है कि वह हिज़बुल्ला को पीछे धकेलने के लिए अपने सैन्य उद्देश्यों को पूरा करना जारी रखेगा.

पक्ष मौजूदा रुख
Iran और Hezbollah उनका कहना है कि सीज़फायर लेबनान में भी लागू होना चाहिए.
Israel PM Benjamin Netanyahu ने साफ़ कहा कि ईरान के साथ समझौते का लेबनान पर असर नहीं होगा.
Hezbollah Chief Naim Qassem ने कहा है कि इसराइली सेना अपने मक़सद में फेल हुई है और वे लड़ना जारी रखेंगे.
America उपराष्ट्रपति JD Vance ने कहा कि इस मामले में ईरान को एक तरह की ग़लतफ़हमी हुई है.