इज़राइली सेना (IDF) ने आधिकारिक तौर पर घोषणा की है कि उन्होंने हिज़्बुल्लाह के दक्षिणी मोर्चे (Southern Front) के कमांडर यूसुफ इस्माइल हाशमी (Youssef Ismail Hashem) को खत्म कर दिया है। यह कार्रवाई इज़राइली नौसेना द्वारा बेरूत के दक्षिण में स्थित जनाह (Jnah) इलाके में की गई। यूसुफ हाशमी को हिज़्बुल्लाह के भीतर एक बहुत ही प्रभावशाली और अनुभवी व्यक्ति माना जाता था जो लंबे समय से इज़राइल के खिलाफ सैन्य अभियानों का नेतृत्व कर रहा था।

यूसुफ हाशमी और इज़राइली सेना के दावे की मुख्य बातें

  • यूसुफ हाशमी हिज़्बुल्लाह में 40 से अधिक वर्षों का अनुभव रखने वाले एक वरिष्ठ सैन्य अधिकारी थे।
  • वह दक्षिणी लेबनान से इज़राइल की ओर होने वाले रॉकेट हमलों और हवाई हमलों की योजना बनाने और उन्हें लागू करने के लिए सीधे तौर पर जिम्मेदार थे।
  • हाशमी ने सितंबर 2024 में अली कराकी की मौत के बाद साउथ फ्रंट की कमान अपने हाथ में ली थी।
  • इज़राइल के अनुसार हाशमी संगठन की सैन्य क्षमताओं को फिर से मजबूत करने और इज़राइली सीमा पर हमले तेज करने में मुख्य भूमिका निभा रहे थे।

हमले से जुड़ी ताज़ा जानकारी और हताहतों का विवरण

लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने इस हमले के परिणामों की जानकारी दी है। मंत्रालय के अनुसार बेरूत के पास जनाह में हुए इस हमले में कम से कम 7 लोगों की मौत हो गई है और 26 अन्य लोग घायल हुए हैं। यह हमला मंगलवार, 31 मार्च 2026 को हुआ था जिसकी पुष्टि इज़राइल ने अगले दिन यानी बुधवार को की।

इज़राइल ने साफ़ किया है कि हाशमी को निशाना बनाना उनके सुरक्षा अभियान का हिस्सा था। दूसरी तरफ हिज़्बुल्लाह की ओर से अब तक इस दावे पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया या पुष्टि सामने नहीं आई है। इस हमले के बाद पूरे क्षेत्र में तनाव और अधिक बढ़ने की संभावना है क्योंकि हाशमी एक केंद्रीय सैन्य चेहरा थे।

Praggya Singh sabal

Journalist from Noida. Covering Delhi, NCR and National Updates.