इजरायल और ईरान के बीच चल रही जंग अब और भी खतरनाक मोड़ पर आ गई है। इजरायली सेना ने दावा किया है कि उसने ईरान के सुरक्षा प्रमुख अली लारीजानी और बासीज फोर्स के कमांडर गोलमरेजा सुलेमानी को मार गिराया है। यह हमला 16 और 17 मार्च 2026 को ईरान के कई प्रमुख शहरों में किया गया। हालांकि, ईरान की तरफ से अभी तक इन दोनों बड़े अधिकारियों की मौत को लेकर कोई बयान नहीं आया है। इस बड़ी घटना के बाद पूरे मिडिल ईस्ट में तनाव काफी ज्यादा बढ़ गया है।
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हमले में किन अधिकारियों को बनाया गया निशाना
इजरायल की सेना ने अपनी रिपोर्ट में बताया है कि उन्होंने सटीक खुफिया जानकारी के आधार पर तेहरान के बीचों-बीच यह मिलिट्री ऑपरेशन किया। हमले में जिन दो बड़े ईरानी चेहरों को निशाना बनाया गया, उनकी विस्तृत जानकारी इस प्रकार है:
- गोलमरेजा सुलेमानी: ये ईरान की पैरामिलिट्री फोर्स बासीज के कमांडर थे। वह पिछले 6 सालों से इस पद को संभाल रहे थे। इजरायली सेना ने आधिकारिक तौर पर इनकी मौत की पुष्टि कर दी है।
- अली लारीजानी: ये अगस्त 2025 से ईरान के सुरक्षा प्रमुख और सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सचिव थे। इजरायली मीडिया के मुताबिक उन्हें इस स्ट्राइक में निशाना बनाया गया है और कई स्रोतों ने उनके मारे जाने का दावा भी किया है, लेकिन अभी स्थिति पूरी तरह साफ नहीं है।
24 घंटे में 200 से ज्यादा ठिकानों पर स्ट्राइक
फरवरी 2026 के अंत से शुरू हुए इस युद्ध में यह इजरायल की तरफ से सबसे बड़े हमलों में से एक है। इजरायली वायुसेना ने पिछले 24 घंटों के भीतर पश्चिमी और मध्य ईरान में 200 से ज्यादा ठिकानों पर बमबारी की है। इनमें मुख्य रूप से ईरान के मिलिट्री कमांड सेंटर, एयर डिफेंस सिस्टम और मिसाइल स्टोरेज को निशाना बनाया गया है।
इजरायली सेना के प्रवक्ता अविचाई अद्राई ने बताया कि यह हमला सटीक इंटेलिजेंस के दम पर तेहरान के दिल में किया गया है। उन्होंने बासीज फोर्स को ईरानी शासन का ऐसा हिस्सा बताया जो आंतरिक विरोध को दबाने का काम करता है। अब सभी की निगाहें ईरान के आधिकारिक बयान पर टिकी हैं कि वह इस बड़े दावे पर क्या प्रतिक्रिया देता है।
