तेहरान और ईरान के कई इलाकों में इसराइली सेना ने हमलों की एक नई लहर शुरू कर दी है। 4 अप्रैल 2026 को हुए इन हमलों में सैन्य ठिकानों और रिसर्च सेंटरों को निशाना बनाया गया है। इस तनाव की वजह से पूरे खाड़ी क्षेत्र में हलचल मच गई है और कई जगहों पर जान-माल का काफी नुकसान हुआ है। इस बीच ईरान ने अमेरिका के युद्धविराम प्रस्ताव को भी ठुकरा दिया है जिससे हालात और बिगड़ने की आशंका बनी हुई है।

ईरान में हुए इन हमलों से जुड़ी मुख्य जानकारियां

इसराइली वायुसेना ने तेहरान में मुख्य रूप से एंटी-एयरक्राफ्ट सिस्टम और बैलिस्टिक मिसाइल रखने वाली जगहों को निशाना बनाया है। इन हमलों के बाद पूरे क्षेत्र में अफरातफरी का माहौल है।

  • बुशहर परमाणु केंद्र के पास हुए हमले में एक सुरक्षा गार्ड की मौत हो गई और एक इमारत को नुकसान पहुंचा।
  • तेहरान के पाश्चर संस्थान और अन्य स्वास्थ्य केंद्रों पर भी हमले की खबरें हैं जिससे WHO ने गहरी चिंता जताई है।
  • इराक ने हमलों के बाद ईरान से लगी अपनी शलमचेह सीमा को पूरी तरह बंद कर दिया है।
  • माहशहर के पेट्रोकेमिकल हब पर हुए हमले में पांच लोग घायल हुए हैं।

अमेरिका और अन्य देशों की तरफ से आए आधिकारिक बयान

इस युद्ध के बीच कई बड़े देशों ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। अमेरिकी अधिकारियों ने अपने एक युद्धक विमान के गिरने की बात को स्वीकार किया है जबकि व्हाइट हाउस ने ईरान की सैन्य शक्ति घटने का दावा किया है।

संस्था/देश मुख्य अपडेट
इरानी सेना दावा किया कि उन्होंने अमेरिका का एक F-15E और एक A-10 विमान मार गिराया है।
व्हाइट हाउस अन्ना केली ने कहा कि ईरान की मिसाइल मारक क्षमता 90 प्रतिशत तक कम हो गई है।
तुर्की राष्ट्रपति एर्दोगन ने इसराइल और ईरान दोनों की सैन्य कार्रवाई का विरोध किया है।
विश्व स्वास्थ्य संगठन तेहरान के मेडिकल संस्थानों पर हुए हमलों पर कड़ा ऐतराज जताया है।

इस स्थिति का सीधा असर खाड़ी देशों में रहने वाले प्रवासियों और व्यापार पर भी पड़ रहा है। ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य से केवल जरूरी सामान वाले जहाजों को ही निकलने की अनुमति दी है। खाड़ी के अन्य देश जैसे सऊदी अरब, यूएई और कुवैत इस पूरे घटनाक्रम पर बारीकी से नजर रखे हुए हैं क्योंकि इससे हवाई यात्रा और समुद्री व्यापार प्रभावित हो सकता है।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.